July 30, 2026 |

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Jagdalpur News: धर्मांतरित परिवारों की डी-लिस्टिंग की मांग तेज, बस्तर से 1200 आदिवासी दिल्ली रवाना

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Jagdalpur News: जगदलपुर। देशभर में धर्मांतरित परिवारों की डी-लिस्टिंग की मांग अब तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सातों जिलों से करीब 1200 आदिवासी ग्रामीण दिल्ली रवाना हुए हैं। वहां 24 मई को राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर धर्मांतरित परिवारों को आरक्षण लाभ से बाहर करने की मांग की जाएगी।

5 लाख आदिवासियों के शामिल होने का दावा

सर्व आदिवासी समाज के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने दावा किया है कि इस आंदोलन में देशभर से लगभग 5 लाख आदिवासी शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल बस्तर का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे देश के आदिवासी समाज से जुड़ा विषय है।

“नक्सलवाद के बाद धर्मांतरण सबसे बड़ी समस्या”

अरविंद नेताम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के बाद धर्मांतरण सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरा है। उनका आरोप है कि धर्म परिवर्तन के बाद भी कई परिवार अनुसूचित जनजाति (ST) और अनुसूचित जाति (SC) आरक्षण समेत सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं, जबकि उन्हें मिशनरियों से भी सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि इससे आदिवासी संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाजों पर खतरा बढ़ता जा रहा है।

प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि गांव-गांव में लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है और कई स्थानों पर अवैध रूप से चर्च संचालित किए जा रहे हैं।

इसी के विरोध में धर्मांतरित परिवारों की डी-लिस्टिंग की मांग को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा है, ताकि उन्हें आरक्षण और अन्य सरकारी लाभों से बाहर किया जा सके।

स्वास्थ्य कारणों से दिल्ली नहीं जाएंगे नेताम

हालांकि अरविंद नेताम स्वास्थ्य कारणों से दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे, लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।


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