July 29, 2026 |

BREAKING NEWS

ब्रेकिंगमध्यप्रदेश

Dhar News: भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी, हिंदू-मुस्लिम पक्षों की दलीलें सुनीं; अब गुरुवार को होगी अगली सुनवाई

Dhar Bhojshala Controversy: सभी पक्षों की निगाहें गुरुवार की सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें आगे की कानूनी प्रक्रिया और अंतरिम व्यवस्था पर विचार किया जाएगा।

Namaskar Madhya Pradesh

Listen to this article

Dhar Bhojshala Controversy: धार: मध्य प्रदेश के धार स्थित बहुचर्चित भोजशाला विवाद मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनीं। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई गुरुवार के लिए निर्धारित कर दी। अब सभी पक्षों की निगाहें गुरुवार की सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें आगे की कानूनी प्रक्रिया और अंतरिम व्यवस्था पर विचार किया जाएगा।

14 जुलाई के आदेश के बाद शुरू हुई प्रशासनिक तैयारी

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को अंतरिम आदेश जारी करते हुए राज्य सरकार को मुस्लिम समाज के लिए नमाज की उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विभिन्न विकल्पों पर चर्चा शुरू की।

प्रशासन ने चालीस पीर दरगाह का दिया था प्रस्ताव

प्रशासन ने मालीवाड़ा स्थित चालीस पीर दरगाह में जुमे की नमाज की व्यवस्था का प्रस्ताव रखा था। प्रशासन का कहना था कि वहां सुरक्षा सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। हालांकि, मुस्लिम समाज ने इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं जताई और कहा कि यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की भावना के अनुरूप नहीं है।

पिछले शुक्रवार नहीं पहुंचे नमाजी

कोर्ट के आदेश के बाद पिछले शुक्रवार प्रशासन ने चालीस पीर दरगाह पर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं की थीं, लेकिन वहां जुमे की नमाज अदा करने कोई भी नमाजी नहीं पहुंचा। मुस्लिम समाज के लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों की मस्जिदों में ही नमाज अदा की।

500 मीटर दूर दो सरकारी स्थलों की पहचान

प्रशासन ने भोजशाला परिसर से करीब 500 मीटर दूर दो सरकारी स्थलों की पहचान कर वहां सफाई और समतलीकरण का कार्य भी कराया है। इनमें डिस्टलरी के पास स्थित खसरा नंबर 509 का सरकारी स्थल भी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि यह तैयारी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन के तहत की जा रही है।

मुस्लिम समाज की सहमति अभी बाकी

प्रस्तावित वैकल्पिक स्थलों पर मुस्लिम समाज की ओर से अभी अंतिम सहमति नहीं दी गई है। समाज का कहना है कि नमाज की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश और धार्मिक भावनाओं, दोनों के अनुरूप हो।

गुरुवार की सुनवाई पर टिकी निगाहें

बुधवार की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गुरुवार के लिए सूचीबद्ध किया है। अब उम्मीद की जा रही है कि अगली सुनवाई में अदालत अंतरिम व्यवस्था और मामले की आगे की सुनवाई को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर सकती है।


Namaskar Madhya Pradesh

Related Articles