
CG Raipur News: रायपुर। छत्तीसगढ़ी रैप संगीत को नई पहचान दिलाने वाले प्रदेश के पहले चर्चित रैप सिंगर एप्पी राजा का सोमवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में उनका उपचार जारी था। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही प्रदेश के संगीत जगत, प्रशंसकों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। एप्पी राजा का अंतिम संस्कार मंगलवार को उनके गृह क्षेत्र भानुप्रतापपुर में किया जाएगा। एप्पी राजा ने बहुत कम उम्र में रैप संगीत की दुनिया में कदम रखा था और अपने अनोखे अंदाज से लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाई थी।
आर्थिक तंगी के बावजूद नहीं छोड़ा संगीत का सपना
एप्पी राजा का वास्तविक नाम चेतन चांडक था। उनका जन्म वर्ष 1994 में हुआ था। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। शुरुआती पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने रैप लिखना शुरू कर दिया था। स्कूल में पढ़ाई करते समय उन्होंने अपना पहला रैप गीत लिखा, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण उसे रिकॉर्ड नहीं कर पाए। बाद में लगातार मेहनत और संघर्ष के दम पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।
परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने पर वे कुछ समय के लिए गुजरात के सूरत में नौकरी करने भी गए, लेकिन संगीत के प्रति जुनून उन्हें फिर अपने सपनों की ओर खींच लाया। इसके बाद वे पंजाब पहुंचे, जहां उन्हें अपने हुनर को निखारने और रिकॉर्डिंग का अवसर मिला।
एक गाने ने बदल दी जिंदगी
एप्पी राजा को सबसे बड़ी पहचान उनके चर्चित रैप गीत ‘टूरा भोको लोलो’ से मिली। यह गीत सोशल मीडिया और यूट्यूब पर तेजी से वायरल हुआ और देखते ही देखते लाखों लोगों तक पहुंच गया। इसके बाद उन्होंने लगातार कई लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी रैप गीत दिए, जिन्होंने युवाओं के बीच उन्हें एक अलग मुकाम दिलाया। उनके कई गानों को लाखों और करोड़ों व्यूज मिले तथा वे छत्तीसगढ़ी रैप संस्कृति के प्रतीक बन गए।
एपीजे अब्दुल कलाम और भगत सिंह को भी दी संगीतात्मक श्रद्धांजलि
एप्पी राजा केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, शहीद भगत सिंह और सामाजिक मुद्दों पर भी कई प्रेरणादायक रैप गीत तैयार किए। उनके गीतों में युवाओं के सपने, संघर्ष, समाज की समस्याएं और छत्तीसगढ़ की संस्कृति की झलक दिखाई देती थी। यही वजह रही कि वे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बने रहे।
सोशल मीडिया पर उमड़ा श्रद्धांजलि संदेशों का सैलाब
एप्पी राजा के निधन की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेशों की बाढ़ आ गई। उनके प्रशंसकों, कलाकारों और संगीत प्रेमियों ने उन्हें छत्तीसगढ़ी रैप संगीत का अग्रदूत बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कई लोगों ने कहा कि एप्पी राजा ने प्रदेश के युवाओं को अपनी भाषा और संस्कृति में रैप संगीत का नया मंच दिया, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा।
संगीत जगत में कभी नहीं भर पाएगी एप्पी राजा की कमी
एप्पी राजा ने अपने संघर्ष, प्रतिभा और मेहनत के दम पर छत्तीसगढ़ी संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जाना केवल एक कलाकार का निधन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी रैप संगीत के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत माना जा रहा है। उनके गीत और उनकी रचनात्मकता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।



