लोकसभा में राहुल गांधी पर विशेषाधिकार हनन का नोटिस, असंसदीय शब्दों के इस्तेमाल पर बढ़ी मुश्किलें
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर सदन की कार्यवाही के दौरान कथित तौर पर असंसदीय शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विशेषाधिकार हनन का नोटिस सौंपा है।

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र में एंटी पेपर लीक बिल पारित होने के बाद अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर सदन की कार्यवाही के दौरान कथित तौर पर असंसदीय शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विशेषाधिकार हनन का नोटिस सौंपा है। शिकायत में मामले की जांच कर इसे विशेषाधिकार समिति को भेजने की मांग की गई है।
29 जुलाई की कार्यवाही को लेकर शिकायत
जानकारी के अनुसार, अनुराग ठाकुर ने 30 जुलाई 2026 को लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस सौंपा। इसमें 29 जुलाई को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के कथित आचरण का उल्लेख किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने बहस के दौरान कुछ नागरिकों के लिए ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जो संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं हैं।
संजय जायसवाल ने भी कार्रवाई की मांग की
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने भी लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए असंसदीय भाषा के इस्तेमाल पर उचित कदम उठाया जाना चाहिए।
कार्यवाही से हटाए गए विवादित शब्द
बताया गया है कि राहुल गांधी द्वारा बोले गए विवादित शब्दों को लोकसभा की आधिकारिक कार्यवाही से हटा दिया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा आपत्ति जताने और पीठासीन अधिकारी की चेतावनी के बावजूद कथित तौर पर इन शब्दों का प्रयोग दोहराया गया।
क्या हो सकती है कार्रवाई?
लोकसभा अध्यक्ष के पास इस शिकायत पर निर्णय लेने का अधिकार है। स्पीकर चाहें तो मामले को विशेषाधिकार समिति को भेज सकते हैं। समिति की रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर चेतावनी, सदन में माफी मांगने का निर्देश या अन्य संसदीय कार्रवाई की जा सकती है। अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष और सदन की संसदीय प्रक्रिया के अनुसार लिया जाएगा।




