July 31, 2026 |

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Meta India के हेड के खिलाफ केस दर्ज, PM मोदी से जुड़े कई मॉर्फ और आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करने के मामले में कार्रवाई

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हैदराबाद। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक वीडियो एवं तस्वीरें प्रसारित होने के मामले में मेटा (Meta) के इंडिया हेड समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बिजनेसमैन ने दर्ज कराई पहली शिकायत

पहले मामले में 29 वर्षीय व्यवसायी एस. अरविंद रेड्डी ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि इंस्टाग्राम ब्राउज करते समय उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कई मॉर्फ्ड और डिजिटल रूप से बदले गए वीडियो व तस्वीरें दिखाई दीं, जिनमें उन्हें कथित तौर पर अश्लील, अपमानजनक और भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया गया था।

शिकायत के अनुसार, कुछ विजुअल्स में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ प्रधानमंत्री की मॉर्फ्ड तस्वीरें और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संपादित तस्वीर भी शामिल थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि यह सामग्री डिजिटल एडिटिंग या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार की गई हो सकती है।

बीजेपी कार्यकर्ता ने भी की कार्रवाई की मांग

दूसरे मामले में तेलंगाना भाजपा के कार्यकर्ता एवं सोशल मीडिया CC सदस्य टी. साईकिरण गौड़ ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कई आपत्तिजनक रील्स और मॉर्फ्ड तस्वीरें प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने ऐसे अकाउंट्स की जांच और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जो कथित रूप से भारत की संप्रभुता, अखंडता और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला कंटेंट साझा कर रहे हैं।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई विवादित वीडियो या तो प्लेटफॉर्म से हटा दिए गए हैं या भारत में उनकी पहुंच सीमित कर दी गई है। मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-C (पहचान की चोरी) और धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करना) के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) (सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान) और धारा 336(4) (प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला जाली इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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