West Bengal Latest News : कोलकाता। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे चिकित्सक आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। इस बीच बीती रात कुछ लोगों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। इसके अगले दिन यानी गुरुवार को राज्यपाल ने वहां का दौरा किया। अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राजभवन में राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की।
मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि कल आरजी कर अस्पताल में जिन लोगों ने तोड़फोड़ की और हंगामा किया, उनका आरजी कर मेडिकल कॉलेज के छात्र आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। वे बाहरी लोग हैं, मैंने जितने वीडियो देखे हैं, मेरे पास तीन वीडियो हैं, जिसमें कुछ लोग राष्ट्रीय ध्वज थामे हुए हैं। वे बीजेपी के लोग हैं और कुछ डीवाईएफआई के लोग हैं जो सफेद और लाल झंडे थामे हुए हैं। कल पुलिस पर भी हमला हुआ। पुलिस पर हमला हुआ। मैं उनको बधाई देना चाहूंगा कि उन्होंने धैर्य नहीं खोया, उन्होंने किसी को चोट नहीं पहुंचाई। अब केस हमारे हाथ में नहीं है, सीबीआई के हाथ में है, अगर आपको कुछ कहना है तो सीबीआई को बताएं, हमें कोई आपत्ति नहीं है।
‘मैं छात्रों को दोष नहीं दूंगी’
ममता बनर्जी ने कहा कि जहां तक मुझे जानकारी है, मैं छात्रों को दोष नहीं दूंगी। घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, हम अब भी कहते हैं कि उन्हें फांसी दी जानी चाहिए। हमने सभी दस्तावेज दिए हैं, जब तक हमारी पुलिस जांच कर रही थी, तब तक कुछ भी लीक नहीं हुआ। मेरी और बंगाल की जनता की संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं। यह बहुत बड़ा अपराध है और इसकी एकमात्र सजा यही है कि आरोपियों को फांसी दी जाए, अगर अपराधी को फांसी दी जाती है तो ही लोगों को इससे सबक मिलेगा, लेकिन किसी निर्दोष को सजा नहीं मिलनी चाहिए।
‘विपक्षी राजनीतिक दलों का हाथ होने का आरोप लगाया’
इससे पहले उन्होंने अस्पताल में हुई तोड़फोड़ के पीछे विपक्षी राजनीतिक दलों का हाथ होने का आरोप लगाया। ममता ने कहा कि वह छात्रों या डॉक्टरों को उनके विरोध प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार नहीं मानती हैं, बल्कि उन्होंने कुछ राजनीतिक दलों पर उपद्रव भड़काने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। मुझे छात्रों या आंदोलनकारी डॉक्टरों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। अगर आप वीडियो देखेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि क्या हुआ।
40 लोगों के एक समूह ने अस्पताल में खूब उत्पात मचाया
बता दें कि बुधवार को आधी रात करीब 40 लोगों के एक समूह ने अस्पताल में खूब उत्पात मचाया। उन्होंने आपातकालीन विभाग, नर्सिंग स्टेशन और दवा स्टोर में तोड़फोड़ की। भीड़ ने सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने उस मंच पर भी तोड़फोड़ की, जहां जूनियर डॉक्टर 9 अगस्त से प्रदर्शन कर रहे थे। मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।




