July 29, 2026 |

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मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार का ऐतिहासिक फैसला, समय पर मिलेगा DR; कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का जताया आभार

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार का ऐतिहासिक फैसला, समय पर मिलेगा DR; कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का जताया आभार

Namaskar Madhya Pradesh

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Pensioners DR Update News: रायपुर। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लाखों पेंशनरों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) में बढ़ोतरी के लिए दूसरे राज्य की सहमति लेना अनिवार्य नहीं होगा। मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग ने 17 जुलाई 2026 को जारी आदेश के माध्यम से इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने और पेंशनरों को समय पर महंगाई राहत उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

नए आदेश के अनुसार अब दोनों राज्य अपने-अपने स्तर पर कार्यकारी आदेश जारी कर महंगाई राहत की घोषणा कर सकेंगे। इसके लिए किसी विधायी संशोधन की आवश्यकता भी नहीं होगी। हालांकि, महंगाई राहत से संबंधित वित्तीय भार की जानकारी दोनों राज्य एक-दूसरे को पत्र के माध्यम से साझा करेंगे और कोई भी राज्य केंद्र सरकार द्वारा घोषित दर से अधिक महंगाई राहत घोषित नहीं करेगा।

यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव और मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी किया गया है।

लंबे संघर्ष के बाद मिली सफलता

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा और पेंशनर्स फोरम के संयोजक बी.पी. शर्मा ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि राज्य के पेंशनरों को महंगाई राहत में लगातार हो रही देरी और आर्थिक नुकसान को लेकर फेडरेशन लंबे समय से संघर्ष कर रहा था। इस संबंध में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी ज्ञापन और पत्र भेजकर राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49(6) के नाम पर लागू सहमति की बाध्यता समाप्त करने की मांग की गई थी।

फेडरेशन का कहना था कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम में महंगाई राहत स्वीकृत करने के लिए दूसरे राज्य की सहमति का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, बावजूद इसके इसी आधार पर निर्णयों में अनावश्यक विलंब होता रहा, जिससे छत्तीसगढ़ के हजारों पेंशनरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

समानता के सिद्धांत का दिया गया था हवाला

फेडरेशन ने यह भी तर्क दिया था कि उत्तराखंड और झारखंड जैसे राज्य अपने पेंशनरों को महंगाई राहत देने के लिए क्रमशः उत्तर प्रदेश और बिहार की सहमति नहीं लेते। ऐसे में केवल छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के पेंशनरों के लिए अलग व्यवस्था लागू होना समानता के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत था।

लाखों पेंशनरों को मिलेगा लाभ

फेडरेशन ने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लाखों पेंशनरों को समय पर महंगाई राहत मिल सकेगी और वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक बाधा समाप्त हो जाएगी। इससे पेंशनरों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ महंगाई राहत के भुगतान में होने वाली अनावश्यक देरी भी खत्म होगी।

मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का जताया आभार

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन और पेंशनर्स फोरम ने इस निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है। फेडरेशन ने दोनों राज्यों के वित्त विभाग के अधिकारियों के सकारात्मक प्रयासों का भी स्वागत करते हुए इसे पेंशनरों के हित में ऐतिहासिक फैसला बताया है।


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