July 29, 2026 |

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प्रदीप मिश्रा कथा विवाद गहराया, सतीश कुमार ने खोला पैसों का पूरा हिसाब, मामले में क्या बोले महाराज जी

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Pradeep Mishra Katha Controversy: घरौंडा। कथावाचक प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। कथावाचक की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पूर्व मुख्य आयोजक सतीश कुमार (विवेकानंद चाइल्ड सोशल वेल्फेयर सोसायटी) सामने आए और अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए सिहोर मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप लगाए। दोनों पैरों में फ्रैक्चर होने के बावजूद सतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत कर पैसों के लेनदेन का विस्तृत ब्योरा भी साझा किया।

27 लाख ट्रांसफर करने का दावा

सतीश कुमार ने बताया कि यह कथा यम दृष्टि फाउंडेशन के दंडी स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती महाराज के संकल्प से शुरू हुई थी। उन्होंने दावा किया कि कथा बुकिंग के लिए सिहोर स्थित ‘श्री विठ्ठलेस सेवा समिति’ के खाते में कुल 27 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर किए गए थे। उनके मुताबिक 26 फरवरी को 2 लाख रुपये और 13 अप्रैल को 25 लाख रुपये भेजे गए।

सतीश ने आरोप लगाया कि दिल्ली के रोहिणी में कथा के दौरान उन पर भुगतान को लेकर लगातार दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें करीब 50 बार कॉल किए गए और पैसे नहीं देने पर कथा रद्द करने की चेतावनी तक दी गई।

VIP पास बेचने के आरोपों को बताया निराधार

वीआईपी पास बेचने के आरोपों पर सतीश कुमार ने कहा कि ये आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास इसका कोई सबूत है तो वह सार्वजनिक किया जाए।

उन्होंने दावा किया कि कथा की बुकिंग और तैयारियों में अब तक उनके 35 से 40 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। साथ ही उन्होंने नई आयोजन समिति से अपनी राशि वापस करने की मांग की।

भगदड़ में घायल होने का दावा

14 मई को हुए विवाद का जिक्र करते हुए सतीश कुमार ने बताया कि भीड़ और हंगामे के दौरान पीछे के रास्ते से निकलते समय उन्हें सीढ़ियों से कूदना पड़ा, जिससे उनके दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए।

पंडित प्रदीप मिश्रा ने पहले ही दी थी सफाई

इससे पहले प्रदीप मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया था कि कथा के लिए कोई तय फीस नहीं होती। उन्होंने कहा था कि आयोजक अपनी क्षमता के अनुसार व्यवस्थाएं करते हैं। साथ ही उन्होंने वीआईपी पास बेचने और चंदा लेने के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया था।


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