MP Latest News : बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय को पार्टी का नोटिस! जीतू पटवारी ने साधा निशाना, कैलाश विजयवर्गीय ने किया पलटवार
MP Latest News : बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय को पार्टी का नोटिस! जीतू पटवारी ने साधा निशाना, कैलाश विजयवर्गीय ने किया पलटवार

भोपाल। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूर्व उज्जैन सांसद और आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की ओर से भेजे गए इस नोटिस में सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है। अब इस मामले में कांग्रेस की एंट्री हो गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने चिंतामणि मालवीय को मिले नोटिस को लेकर बयान दिया है।
जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी दलितों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। चिंतामणि मालवीय ने किसानों की आवाज उठाई तो बीजेपी ने नोटिस दिया। जबकि, दूसरे नेताओं को नोटिस नहीं दिया गया। बीजेपी का दलित और किसान विरोधी चेहरा उजागर हो रहा है। बता दें कि चिंतामणि मालवीय ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
जीतू पटवारी के बयान पर भड़के कैलाश विजयवर्गीय
चिंतामणि मालवीय को मिले नोटिस पर जीतू पटवारी के बयान से ससंदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय उठे। उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी के इशारे पर थोड़ी हमारी पार्टी चलेगी। हमारी पार्टी की अपनी आईडियोलॉजी है। हमारे नेताओं के निर्देश पर हमारी पार्टी चलेगी। हमारी पार्टी नियम कानून से चलती है किसी दूसरी पार्टी के नियम कानून से नहीं नहीं चलती। हमारे यहां कोई भी काम कार्यकर्ता करता है तो हम देखते है कि वह अनुशासन हीनता की श्रेणी में आता है या नहीं आता है तो हम नोटिस देते है। उसमें दूसरे दल का प्रश्न उठाने का कोई सवाल नहीं है। जीतू पटवारी इतने बड़े नेता नहीं हो गए। जीतू पटवारी महात्मा गांधी,दीनदयाल उपाध्याय,श्यामाप्रसाद मुखर्जी नहीं हो गए जो उनसे सलाह लेकर पार्टी चलाए।
ये है पूरा मामला
दरअसल, मालवीय ने हाल ही में सिंहस्थ जमीन अधिग्रहण मामले को लेकर विधानसभा में अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े किए थे। उनके इस रुख को पार्टी के अनुशासन के खिलाफ माना जा रहा है। इस मामले की जानकारी केंद्रीय नेतृत्व तक भी पहुंच चुकी है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि चिंतामणि मालवीय के हालिया बयान और गतिविधियों से पार्टी की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रदेश उपाध्यक्ष होने के बावजूद वे लगातार सरकार की आलोचना कर रहे हैं, जिससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है।




