
Jammu-Kashmir CM Oath : जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला होंगे। आर्टिकल 370 निरस्त होने के बाद पहली बार हुए विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस को जीत मिली। उमर अब्दुल्ला के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की तैयारियां पूरी हो गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा दोपहर 11:30 बजे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह स्थल के आस-पास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया, “सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, क्योंकि इस कार्यक्रम में कई वीवीआईपी शामिल होंगी। हम कार्यक्रम का सुचारू संचालन सुनिश्चित करेंगे। शपथ समारोह में शामिल होने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन के घटकों को निमंत्रण भेजा गया है।
एमके स्टालिन नहीं होंगे शामिल
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, उमर अब्दुल्ला के जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के अवसर पर मौजूद नहीं होंगे। उन्होंने यह फैसला उत्तरपूर्वी मॉनसून के मद्देनजर मौसम विभाग के राज्य में ‘रेड अलर्ट’ जारी किए जाने के मद्देनजर लिया है। उमर अब्दुल्ला के 16 अक्टूबर को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) का प्रतिनिधित्व पार्टी सांसद कनिमोई करेंगी। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से संपर्क कर अपने बेटे और पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्योता दिया था।
एनसी को 42 सीटों पर मिली जीत
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में विधानसभा के चुनाव हुए थे। चुनाव के नतीजे 8 अक्टूबर को आए थे। 90 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस को 42, बीजेपी को 29, कांग्रेस को 6, पीडीपी को 3, जेपीसी को 1, सीपीआईएस को 1, AAP को 1, जबकि 7 निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली है। जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने गठबंधन में चुनाव लड़ा है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर से राष्ट्रपति शासन हटा दिया गया है। गृह मंत्रालय ने क्षेत्र में राष्ट्रपति शासन लगाने से संबंधित 31 अक्टूबर, 2019 के अपने पहले के आदेश को रद्द कर दिया। मंत्रालय ने 13 अक्टूबर, 2024 के नवीनतम आदेश ने अपने 5 साल पुराने आदेश को रद्द किया है।




