Surya Grahan 2025 : सूर्य ग्रहण को भारत में सूर्य ग्रहण के नाम से जाना जाता है। जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है तो इस खगोलीय घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। ऐसी परिस्थिति में या तो चंद्रमा पूरी तरह से या आंशिक तौर पर सूर्य के सामने आकर उसे ढक लेता है, जिससे पृथ्वी पर कुछ समय के लिए अंधेरा छा जाता है। विज्ञान की यह घटना सिर्फ एक विजुअल महत्व नहीं है बल्कि वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और खगोलीय महत्व भी है। अगर आप आने वाले सूर्य ग्रहण (Solar Eclipses) के बारे में जानना चाहते हैं तो आज हम आपको बता रहे हैं लोकेशन, टाइम से जुड़ी हर डिटेल…
29 मार्च 2025 को साल का पहला सूर्य ग्रहण
आपको बता दें कि 29 मार्च, 2025 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण दुनियाभर में यूरोप, एशिया के उत्तरी इलाकों, अफ्रीका के उत्तरी व पश्चिमी इलाकों समेत नॉर्थ अमेरिका, साउथ अमेरिका के उत्तरी हिस्सों, अटलांटिक व आर्कटिक क्षेत्रों में दिखाई देगा।
29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण बरमूडा, पुर्तगाल, कनाडा, यूएसए, मोरक्को, स्पेन, ग्रीनलैंड, आयरलैंड, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, आइसलैंड, बेल्जियम, नीदरलैंड्स, जर्मनी, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड और रूस जैसे देशों में दिखेगा। हालांकि, 2024 के दोनों सूर्य ग्रहण की तरह ही भारत में यह ग्रहण नहीं दिखेगा।
21 सितंबर को 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण
साल के पहले सूर्य ग्रहण की तरह 21 सितंबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण भी ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी हिस्सी, अटलांटिक, अंटार्कटिका और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में दिखेगा।
इसके अलावा कई दूसरे देश और इलाकों में भी यह आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। इनमें अमेरिकन समोओ, फिजी इन जापा, टोंगा, फ्रेच पॉलीनेसिया, कुक आइलैंड, न्यू कैलेडोनिया, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया समेत कई अन्य देशों में यह ग्रहण दिखेगा। 2025 के पहले सूर्य ग्रहण की तरह दूसरा ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा।
आपको बता दें कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA की वेबसाइट पर सूर्य ग्रहण की घटना को लाइव देखा जा सकेगा। इसके अलावा कई दूसरे एस्ट्रोनॉमी चैनल्स भी ग्रहण को लाइव टेलिकास्ट करेंगे। यानी आप दुनिया के किसी भी हिस्से में हों, लेकिन आप घर बैठे सूर्य ग्रहण का नजारा देख सकेंगे।




