‘युवा सेवा संगम’ कार्यक्रम का सफल आयोजन, चयनित युवाओं ने साझा किए अपने विचार, संबोधन के दौरान दिग्गजों ने कही ये बात
MP News : 'युवा सेवा संगम' कार्यक्रम का सफल आयोजन, चयनित युवाओं ने साझा किए अपने विचार, संबोधन के दौरान दिग्गजों ने कही ये बात
भोपाल। सेवा भारती मध्य भारत प्रांत द्वारा आयोजित “युवा सेवा संगम” कार्यक्रम मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, भोपाल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट और एम्स भोपाल के अध्यक्ष डॉ. सुनील मलिक ने की। मुख्य अतिथि के रूप में मध्य क्षेत्र के सह क्षेत्र प्रचारक प्रेमशंकर जी मंच पर उपस्थित रहे। समापन सत्र में मध्य क्षेत्र के सह प्रांत संघ चालक डॉ. राजेश सेठी जी, सुप्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ डॉ. पी. एस. बिंद्रा जी तथा अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते जी मंचस्थ रहे। इस कार्यक्रम में 350 चयनित युवाओं ने सहभागिता की और समाज सेवा के क्षेत्र में अपने विचार और अनुभव साझा किए।
प्रत्येक मनुष्य में परमात्मा का अंश
प्रेमशंकर जी ने अपने संबोधन में कहा कि सेवा सहज नहीं होती, बिना करुणा के सेवा संभव नहीं है। हमें गर्व है कि आज युवा समाज में सेवा के कार्यों से जुड़ रहे हैं। आज भारत विश्व में आगे बढ़ रहा है। हम एक तरफ समृद्धि के शिखर की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं कई ऐसे क्षेत्र हैं यहां कार्य करने की आवश्यकता है। इस कमी को हमारे युवा साथियों को पूरा करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की दृष्टि सेवाभावी है और हमें एकजुट होकर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने की आवश्यकता है। हमारे यहां अर्थ जगत को प्रतिष्ठा नहीं है। हमारे यहां सेवा, समर्पण, त्याग और तपस्या की प्रतिष्ठा है। हमारी संस्कृति कहती है कि प्रत्येक मनुष्य में परमात्मा का अंश है। इसलिए समाज को प्रत्येक मनुष्य की चिंता करनी चाहिए।
डॉ. सुनील मलिक ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि कई देशों को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध कराना हमारी सेवा दृष्टि का प्रतीक है। सेवा करने वाले हाथ पूजा करने वाले हाथों से अधिक पवित्र होते हैं। इस प्रकार के संगम से सेवा को नए आयाम मिलेंगे।
समापन सत्र में अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख ने दिया बौद्धिक
नेत्र विशेषज्ञ डॉ. पी. एस. बिंद्रा ने समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद समाज के पथ प्रदर्शक हैं और उन्होंने युवाओं को नई ऊर्जा और प्रेरणा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि समाज में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए, सकारात्मक रहते हुए समाज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना युवाओं की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। इस संदर्भ में, डॉ. बिंद्रा ने यह भी बताया कि बीमार समाज में युवा सेवा संगम जैसे कार्यक्रम एक नई ऊर्जा देने का कार्य करते हैं, और इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं को निरंतर सेवा करने के लिए प्रेरित करते हैं।
अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक जी विसपुते ने अपने संबोधन में समाज सेवा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में सेवा का कार्य कर रहे सभी युवा समाज के लिए प्रेरणा हैं। उनका योगदान समाज को नई दिशा और सिख देता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की विशेषता यह रही है कि यहां सेवा हमेशा कर्तव्य के रूप में जोड़ी गई है।
विसपुते ने राम के उदाहरण का उल्लेख करते हुए बताया कि राम ने समाज को जागरूक और एकत्रित करने का कार्य सेवा के माध्यम से किया था। समाज में हजारों ऐसे उदाहरण हैं, जिन्होंने अपनी सेवा से समाज को सशक्त बनाया और आगे बढ़ाया। आज उनका योगदान हमारे समाज की ताकत है। उन्होंने सभी युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने सेवा के माध्यम से दीपक बनकर समाज को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करें और एकजुट होकर सेवा भाव से कार्य करें।
सेवा कार्यों पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन
कार्यक्रम में सेवा कार्यों पर आधारित एक फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने उपस्थित युवाओं को प्रेरित किया। जितेन्द्र राठौर ने कार्यक्रम की संकल्पना प्रस्तुत की और संचालन अभिताभ श्रीवास्तव ने किया।
कार्यक्रम के दौरान, विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में सक्रिय युवाओं ने अपने अनुभवों को साझा किया, जिससे अन्य युवाओं को प्रेरणा मिली। इसके साथ ही प्रमुख संगठनों के चयनित प्रतिनिधियों ने चलचित्र के माध्यम से सेवा कार्यों का वृत भी प्रस्तुत किया।




