July 31, 2026 |

BREAKING NEWS

देशप्रदेशब्रेकिंग

महासमुंद में 1.12 करोड़ रुपये का धान घोटाला: केंद्र प्रभारी गिरफ्तार, भेजा गया जेल

Namaskar Madhya Pradesh

Listen to this article

CG Scam News : महासमुंद। जिले के नरसैयापल्लम धान उपार्जन केंद्र में हुए करोड़ों रुपये के धान घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने केंद्र प्रभारी महेंद्र प्रधान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर किसानों के हक के 3,642.72 क्विंटल धान (कुल 9,107 कट्टे) की हेराफेरी कर सरकार और किसानों को 1 करोड़ 12 लाख 92 हजार 432 रुपये का चूना लगाने का आरोप है। गबन की गई इस राशि में धान का समर्थन मूल्य और ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि शामिल थी।

भौतिक सत्यापन में खुली पोल, 9 हजार से ज्यादा कट्टे गायब

यह पूरा मामला तब सामने आया जब प्रशासनिक जांच दल ने 16 मई 2026 को प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आरंगी के अंतर्गत आने वाले नरसैयापल्लम धान उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। तस्दीक करने पर पता चला कि केंद्र से 3,642.72 क्विंटल मोटा धान गायब था।

इस गंभीर गड़बड़ी के बाद, 29 मई 2026 को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पिरदा के शाखा प्रबंधक उसत कुमार प्रधान ने थाना बसना में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

एसपी के निर्देश पर त्वरित एक्शन, आरोपी ने कबूला जुर्म

महासमुंद पुलिस अधीक्षक द्वारा आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गबन के मामलों पर कड़ा रुख अपनाने के निर्देशों के बाद बसना पुलिस ने बिना वक्त गंवाए आरोपी केंद्र प्रभारी महेंद्र प्रधान को हिरासत में ले लिया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक “पूछताछ के दौरान आरोपी महेंद्र प्रधान ने धान और राशि के गबन की बात स्वीकार कर ली है। प्रशासनिक जांच रिपोर्ट और पुलिसिया तफ्तीश में पर्याप्त सबूत मिलने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।”

जांच के दायरे में कई और नाम, बड़ी सांठगांठ की आशंका

पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह घोटाला सीधे तौर पर किसानों के अधिकारों पर डाका डालने जैसा है। फिलहाल मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस करोड़ों रुपये के घोटाले के पीछे क्या उपार्जन केंद्र प्रभारी अकेले ही था, या विभाग और समिति के कुछ अन्य रसूखदार लोग भी इस सिंडिकेट का हिस्सा हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।


Namaskar Madhya Pradesh

Related Articles

Check Also
Close