June 3, 2026 |

BREAKING NEWS

छत्तीसगढ़देशब्रेकिंग

खैरागढ़ के पिपरिया वार्ड में पानी के लिए हाहाकार, टैक्स वसूली जारी लेकिन नलों से नहीं टपकी एक बूंद

Namaskar Madhya Pradesh

Listen to this article

CG Latest News: खैरागढ़ |  खैरागढ़ जिला मुख्यालय का वार्ड क्रमांक 1 पिपरिया इन दिनों सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच की गहरी खाई की तस्वीर बन चुका है. यहां नगर पालिका ने वर्षों पहले नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन तो बिछा दी, घरों में नल कनेक्शन भी दे दिए और पानी टैक्स की वसूली भी लगातार जारी है, लेकिन विडंबना यह है कि इन नलों से आज तक लोगों को पानी की एक बूंद तक नसीब नहीं हुई. वार्ड की गली में हर सुबह लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि आज पीने का पानी कहां से आएगा. कोई निजी टैंकर बुला रहा है, कोई दूर के बोरिंग से बाल्टियों में पानी ढो रहा है, तो कोई दूसरे मोहल्लों में जाकर पानी मांगने को मजबूर है.

स्थानीय निवासी शबाना बेगम बताती हैं कि उनके मोहल्ले में वर्षों पहले पाइपलाइन डाली गई थी, लेकिन उसमें कभी पानी नहीं आया. पिछले सात-आठ सालों से उनका परिवार अपने खर्च पर टैंकर मंगवाकर पानी पी रहा है. उनका कहना है कि कई बार पार्षद और नगर पालिका से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला, समाधान नहीं. मोहल्ले की प्रेमलता वर्मा के मुताबिक स्थिति इतनी खराब है कि लोगों को पानी के लिए दूसरे घरों और दूर के बोरिंगों का सहारा लेना पड़ता है. वे कहती हैं कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वोट मांगने जरूर आते हैं, लेकिन उसके बाद वार्ड की समस्या किसी को याद नहीं रहती. सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर है कि पानी नहीं मिलने के बावजूद नगर पालिका नियमित रूप से टैक्स वसूल रही है.

पेयजल पर 1.70 लाख रुपए खर्च
वार्ड निवासी शेख इस्माइल बताते हैं कि वे पिछले सात वर्षों से पानी खरीदकर पी रहे हैं और अब तक करीब एक लाख सत्तर हजार रुपये सिर्फ पानी पर खर्च कर चुके हैं. उनका कहना है कि हर कुछ दिनों में टैंकर बुलाना पड़ता है, जिसका भारी खर्च उठाना पड़ता है. इसके बावजूद नगरपालिका का टैक्स समय पर जमा करना पड़ता है, जबकि बदले में सुविधा शून्य है. स्थिति की गंभीरता तब और साफ दिखाई देती है, जब वार्ड की केवड़ा मारकंडे अपनी परेशानी बताती हैं. वे कहती हैं कि पानी लाने के लिए उन्हें अपने छोटे बच्चों को घर में बंद कर बाहर जाना पड़ता है. जहां कहीं किसी नल में पानी आता भी है, वहां पहले से ही इतनी कमी होती है कि दूसरे लोगों को पानी नहीं मिल पाता. उनका कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं, बल्कि पिछले पंद्रह-सोलह वर्षों से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदारों ने कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया.

टैक्स वसूली, लेकिन पानी कहां
सबसे बड़ा सवाल अब नगर पालिका और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है. जब पाइपलाइन बिछ चुकी है, टैक्स वसूला जा रहा है और योजनाओं के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तो आखिर पिपरिया वार्ड के लोगों तक पानी क्यों नहीं पहुंच पा रहा? जिला मुख्यालय के बीच बसे इस वार्ड की हालत यह बताने के लिए काफी है कि विकास के दावे कागजों में भले चमक रहे हों, लेकिन जमीन पर लोग आज भी पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए संघर्ष कर रहे हैं. लगातार उपेक्षा और परेशानी से नाराज वार्डवासियों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है. लोगों का कहना है कि अगर जल्द जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे, क्योंकि अब यह सिर्फ पानी का संकट नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जो जनता से टैक्स तो लेती है, लेकिन बदले में उन्हें उनकी सबसे जरूरी सुविधा तक नहीं दे पा रही.


Namaskar Madhya Pradesh

Related Articles

Check Also
Close