July 30, 2026 |

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Iran-US Deal: होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का ईरान का प्रस्ताव, परमाणु मुद्दे पर फिलहाल टली बातचीत

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Iran US Deal: ईरान ने अमेरिका के सामने एक अहम प्रस्ताव रखा है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और जारी तनाव को खत्म करने की पेशकश शामिल है। हालांकि, इस प्रस्ताव में तेहरान ने अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत को फिलहाल टालने की बात कही है।

Axios की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के साथ एक डील का प्रस्ताव रखा है। इस डील के तहत होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और युद्ध को खत्म करने पर सहमति बनाने की बात कही गई है, जबकि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को बाद के चरण के लिए टाल दिया गया है। रिपोर्ट में एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी और इस मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों का हवाला दिया गया है।

पाक के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया प्रस्ताव
रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। बातचीत से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मौजूदा गतिरोध के बीच ईरान का मौजूदा नेतृत्व भी इस बात पर एकमत नहीं है कि वह परमाणु मुद्दे पर कितनी रियायत देने को तैयार है।

सूत्रों के मुताबिक अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने और युद्धविराम पर सहमति बनती है, तो इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास ईरान से परमाणु समझौते को लेकर दबाव बनाने के विकल्प सीमित हो सकते हैं।

ट्रंप प्रशासन करेगा अहम बैठक
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले पर ट्रंप प्रशासन सोमवार को सिचुएशन रूम में अहम बैठक करने वाला है। फिलहाल, दोनों देशों के बीच तनाव बरकरार है, लेकिन इस प्रस्ताव को कूटनीतिक हल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

खबर है कि व्हाइट हाउस को यह प्रपोज़ल मिल गया है। हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन नई डील पर विचार करेगा या नहीं। नई डील के तहत सीज़फ़ायर को लंबे समय के लिए बढ़ाया जाएगा, या तेहरान और वाशिंगटन हमेशा के लिए दुश्मनी खत्म करने पर सहमत होंगे यह आने वाले वक्त में पता चलेगा।

फोन पर बातचीत हो सकती है-ट्रंप
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा था कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए फोन पर बातचीत कर सकते हैं। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने उड़ान में 17 घंटे का समय लगाकर प्रतिनिधिमंडल भेजने के बजाय यह फैसला लिया। उन्होंने कहा, ”हमारे पास सभी विकल्प मौजूद हैं। अगर वे बात करना चाहते हैं, तो वे हमारे पास आ सकते हैं, या वे हमें फोन कर सकते हैं।” इससे पहले शनिवार को बातचीत तब विफल होती दिखी, जब तेहरान के शीर्ष राजनयिक पाकिस्तान से रवाना हो गये थे। इसके तुरंत बाद ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दूतों को इस्लामाबाद की यात्रा न करने के लिए कहा था।


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