July 30, 2026 |

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राज्य में बढ़ते सड़क हादसे चिंता का कारण, एक साल में 461 दुर्घटनाएं बढ़ीं; कई जिलों में मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा

Chhattisgarh Raipur News: छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवा रहे हैं।

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Chhattisgarh Raipur News: रायपुर: छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवा रहे हैं। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि कई जिलों में मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है।

आंकड़ों के मुताबिक साल 2024 में छत्तीसगढ़ में कुल 14,857 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं, जो साल 2025 में बढ़कर 15,318 हो गईं। यानी एक साल के भीतर 461 हादसों की बढ़ोतरी हुई है। हादसों के साथ-साथ घायलों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। साल 2024 में 12,484 लोग घायल हुए थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 13,135 हो गई।

मौतों में मामूली कमी, आंकड़ा अब भी बड़ा

सड़क हादसों में मौतों के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2024 में 6,945 लोगों की जान गई थी, जबकि 2025 में 6,728 लोगों की मौत हुई। हालांकि कुल मौतों में थोड़ी कमी दर्ज हुई है, लेकिन यह संख्या अब भी चिंताजनक बनी हुई है।

कई जिलों में स्थिति चिंताजनक

प्रदेश के कई जिलों में सड़क दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा बढ़ा है। इनमें महासमुंद में मौतें 16 प्रतिशत, कबीरधाम में 32 प्रतिशत, कांकेर में 11 प्रतिशत और सुकमा में 54 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। वहीं दंतेवाड़ा में सड़क हादसों में घायल होने वालों की संख्या 115 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

दिलचस्प बात यह है कि जिन इलाकों को लंबे समय तक नक्सल हिंसा के लिए जाना जाता रहा है, वहां अब सड़क हादसे भी लोगों की जान लेने की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं।

हादसों के पीछे कई कारण

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों के पीछे कई गंभीर कारण हैं। इनमें सड़क इंजीनियरिंग की खामियां और ट्रैफिक नियमों के पालन में कमी प्रमुख मानी जा रही है।

मुख्य कारण इस प्रकार हैं:

  • कई हाईवे और सड़कों पर अंधे मोड़

  • संकेतक बोर्ड की कमी

  • गड्ढों से भरी सड़कें

  • सड़कों का खराब मेंटेनेंस

  • कई जगह स्ट्रीट लाइट का अभाव

  • रात में दुर्घटनाओं का ज्यादा खतरा

  • ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण नहीं

  • स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम बड़े शहरों तक सीमित

प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के कई ब्लैक स्पॉट भी चिन्हित किए गए हैं, लेकिन कई स्थानों पर इन्हें सुधारने का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है या अधूरा पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।


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