September 15, 2026 |

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CG Crime: नौकरी का झांसा देकर युवती से वसूले पैसे, 46 हजार की मांग पर खड़ा हुआ विवाद

Namaskar Madhya Pradesh

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CG Crime: रायपुर। राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवती से पैसे वसूलने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सुकमा जिले की रहने वाली युवती को नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर रायपुर बुलाया गया, जहां उससे पहले ट्रेनिंग के नाम पर रकम ली गई और बाद में अधिक वेतन वाली नौकरी दिलाने का झांसा देकर 46 हजार रुपये की मांग की गई। पैसे नहीं देने पर युवती को बंधक बनाकर रखने और लगातार दबाव बनाने के आरोप भी लगे हैं।

पीड़िता की शिकायत के आधार पर खमतराई पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दस्तावेज जमा कराकर कराया इंटरव्यू

पुलिस के अनुसार सुकमा जिले के मस्तानपारा निवासी आयतु राम बेसरा ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि उनकी साली किरण नाग नौकरी की तलाश में रायपुर आई थी। 11 जून को वह खमतराई स्थित श्रीनगर रोड के एक ट्रेनिंग सेंटर पहुंची, जहां उसे नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर इंटरव्यू लिया गया।

इंटरव्यू के बाद युवती के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज जमा करा लिए गए। इसके बाद उसे ट्रेनिंग के लिए वहीं रोक लिया गया।

रहने-खाने के नाम पर वसूले पैसे

शिकायत के मुताबिक युवती से रहने और खाने की व्यवस्था के नाम पर 2500 रुपये जमा कराए गए। चार दिनों तक ट्रेनिंग देने के बाद उसे बताया गया कि उसका चयन हो गया है और अब उसे बेहतर पद पर नौकरी दिलाई जाएगी।

आरोप है कि इसके बाद सेंटर संचालकों ने कहा कि यदि उसे 15 हजार रुपये मासिक वेतन वाली नौकरी चाहिए तो इसके लिए 46 हजार रुपये जमा करने होंगे।

खेत गिरवी रखकर भेजे गए 15 हजार रुपये

जब युवती ने इतनी बड़ी राशि जमा करने में असमर्थता जताई तो आरोपियों ने उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि युवती को घर की जमीन-जायदाद बेचकर भी पैसे जुटाने की सलाह दी गई।

परिजनों के अनुसार युवती की परेशानी सुनकर उसके पिता और ससुराल पक्ष ने गांव की जमीन गिरवी रखकर 15 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे। इसके बावजूद आरोपियों ने बाकी 31 हजार रुपये जमा कराने के लिए लगातार दबाव बनाया।

मोबाइल इस्तेमाल पर भी लगाई रोक

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि युवती को मोबाइल फोन का स्वतंत्र रूप से उपयोग करने की अनुमति नहीं थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसे केवल पैसे मांगने के लिए परिजनों से बात करने दी जाती थी।

बाकी समय मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित रखा जाता था। युवती ने अपने परिजनों को बताया कि पैसे जमा नहीं करने पर नौकरी नहीं देने और निगरानी में रखने की धमकी दी जा रही थी।

परिजनों और पुलिस ने पहुंचकर छुड़ाया

युवती की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद उसके परिजन और पुलिस 17 जून को रायपुर पहुंचे। पूछताछ के दौरान युवती ने पूरी घटना की जानकारी दी और अपने साथ हुई प्रताड़ना का खुलासा किया।

इसके बाद शिकायत के आधार पर खमतराई थाना पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

फर्जी नौकरी गिरोह की आशंका, जांच जारी

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं यह कोई संगठित फर्जी जॉब रैकेट तो नहीं है, जो बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठने का काम कर रहा हो।

अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। दस्तावेज, लेन-देन की जानकारी और ट्रेनिंग सेंटर की गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने नौकरी की तलाश में शहर आने वाले युवाओं की सुरक्षा और फर्जी रोजगार एजेंसियों की गतिविधियों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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