July 29, 2026 |

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सुशासन तिहार में उठे बड़े सवाल: सचिव समायोजन, पीएम आवास और बिजली बिल गड़बड़ी की शिकायतों से घिरा प्रशासन

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CG News: मुंगेली। छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन तिहार के तहत नगर पंचायत जरहागांव में आयोजित शिविर में कई गंभीर शिकायतें सामने आई हैं, जिन्होंने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सचिव के कथित समायोजन, प्रधानमंत्री आवास योजना में देरी और बिजली बिल गड़बड़ी जैसे मामलों को लेकर ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग की है।

सचिव समायोजन को लेकर उठे सवाल, ‘बैकडोर एंट्री’ का आरोप

शिविर में प्रांशु कुमार नामक युवक ने आवेदन देकर ग्राम पंचायत सचिव विकास साव के नगर पंचायत जरहागांव में कर्मचारी के रूप में समायोजन की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारी होते हैं, जबकि नगर पंचायत नगरीय प्रशासन विभाग के अधीन कार्य करती है।

उन्होंने मांग की है कि यह स्पष्ट किया जाए कि किस नियम, शासनादेश या वैधानिक प्रक्रिया के तहत यह समायोजन किया गया। मामले को लेकर क्षेत्र में कथित “बैकडोर एंट्री” की चर्चा तेज हो गई है और बेरोजगार युवाओं में भी नाराजगी देखी जा रही है।

पीएम आवास स्वीकृत, फिर भी तीन महीने से नहीं शुरू हुआ निर्माण

नगर पंचायत निवासी और अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राही रामकुमार ध्रुव ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि उनका आवास करीब तीन माह पहले स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक कार्य आदेश या भवन अनुज्ञा जारी नहीं की गई।

रामकुमार ध्रुव का कहना है कि कभी जमीन संबंधी आपत्ति तो कभी अन्य कारण बताकर उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। बरसात का मौसम नजदीक होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है।

एक साल बाद भी नहीं सुलझा बिजली बिल विवाद

शिविर में पूर्णिमा जायसवाल ने भी बिजली विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में गलत मीटर रीडिंग के कारण उनके नाम पर 52 हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल जारी कर दिया गया था।

शिकायतकर्ता के अनुसार, कई बार बिजली विभाग और कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत करने के बावजूद एक वर्ष बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने वास्तविक खपत के आधार पर संशोधित बिल जारी करने की मांग की है।

प्रशासन ने दिए जांच के संकेत

नगर पंचायत जरहागांव में सामने आए इन मामलों ने पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सचिव समायोजन की वैधता, आवास योजना के लाभ में देरी और बिजली बिल गड़बड़ी जैसे मुद्दे अब प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुके हैं।

मामले में अपर कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी ने कहा कि सभी शिकायतें प्राप्त हो गई हैं। प्रत्येक मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

क्षेत्रवासियों की निगाहें अब प्रशासनिक जांच और उसके नतीजों पर टिकी हुई हैं।


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