Bhopal News: भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में जमकर हंगामा, मूलभूत समस्याओं की अनदेखी पर कांग्रेस ने घेरा
लाखों रुपये खर्च के बावजूद शहरवासियों को राहत नहीं मिलने का आरोप, संपत्तियों को किराए पर देने के प्रस्तावों पर विपक्ष ने उठाए सवाल

MP Bhopal News: भोपाल। भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक मंगलवार को हंगामेदार माहौल में हुई। बैठक के दौरान कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच कई मुद्दों को लेकर तीखी बहस और विरोध देखने को मिला। कांग्रेस पार्षद दल ने आरोप लगाया कि नगर निगम की बैठक पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। विपक्ष ने बारिश के दौरान जलभराव, सीवेज, स्ट्रीट लाइट और खराब सड़कों जैसे मुद्दों को बैठक के एजेंडे में प्राथमिकता नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए।
बैठक का मुख्य एजेंडा नगर निगम की संपत्तियों को किराए पर देने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय लेना था। बैठक शुरू होते ही एजेंडा के बिंदुओं को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने आपत्ति जताई और हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस पार्षदों का कहना था कि शहर में बारिश के दौरान जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन रही है। कई इलाकों में सीवेज की समस्या बनी हुई है, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था प्रभावित है और सड़कों की हालत भी खराब है, लेकिन इन समस्याओं को बैठक में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई।
मूलभूत समस्याओं को लेकर विपक्ष ने उठाई आवाज
कांग्रेस पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन से सवाल किया कि जब शहर की जनता लगातार जलभराव, सीवेज, खराब सड़कों और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं से जूझ रही है तो परिषद की बैठक में इन मुद्दों पर ठोस चर्चा क्यों नहीं की जा रही है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि नगर निगम संपत्तियों से किराया हासिल करने की योजना पर ज्यादा जोर दे रहा है, जबकि नागरिक सुविधाओं से जुड़े जरूरी मुद्दे पीछे छूट रहे हैं।
हंगामे और सियासी आरोप-प्रत्यारोप के बीच नगर निगम परिषद ने कई प्रस्तावों को मंजूरी भी दी। वहीं, बैठक से नगर निगम कमिश्नर की गैरमौजूदगी को लेकर नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने नाराजगी जताई। उन्होंने आसंदी से कमिश्नर की अनुपस्थिति पर आपत्ति दर्ज कराई।
सोन चिरैया हॉकर्स कॉर्नर का प्रस्ताव पुनर्विचार के लिए लौटा
बैठक के दौरान एमआईसी से आए सोन चिरैया हॉकर्स कॉर्नर से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने इस प्रस्ताव को पुनर्विचार के लिए वापस लौटा दिया। इस फैसले के बाद परिषद की बैठक में इस मुद्दे को लेकर भी चर्चा का दौर चला।
अटल भवन के कार्यालय किराए पर देने के प्रस्ताव को मंजूरी
नवनिर्मित नगर निगम मुख्यालय अटल भवन से जुड़े प्रस्तावों पर भी परिषद ने चर्चा की। अटल भवन तैयार होने के बाद अलग-अलग कार्यालयों और स्थानों को किराए पर देने से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। नगर निगम की संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग और उनसे राजस्व प्राप्त करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
हालांकि विपक्ष ने नगर निगम की संपत्तियों को किराए पर देने की प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णयों को लेकर सवाल खड़े किए। कांग्रेस का कहना है कि नगर निगम को पहले नागरिक सुविधाओं और मूलभूत समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा- किराए की चिंता, जनता की समस्याओं की नहीं
नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने बैठक को लेकर भाजपा शासित नगर निगम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शहर सरकार को नगर निगम की संपत्तियों से मिलने वाले किराए की चिंता है, लेकिन शहर की मूलभूत समस्याओं को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि संख्या बल के आधार पर विपक्ष की आवाज को भले ही दबाया जा सकता है, लेकिन शहर की जनता की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। शबिस्ता जकी ने नगर निगम की संपत्तियों को किराए पर देने के फैसले को लेकर भी कई सवाल उठाए और प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
महापौर बोलीं- सर्वहित में लिए जा रहे फैसले
वहीं भोपाल महापौर मालती राय ने विपक्ष के आरोपों पर कहा कि नगर निगम की संपत्तियों को लेकर लिए जा रहे निर्णय सर्वहित में हैं। उन्होंने कहा कि शहर में जो मूलभूत समस्याएं हैं, उनके समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ-साथ अलग-अलग स्तर पर पहल की जा रही है।
महापौर ने कहा कि नगर निगम शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को लेकर लगातार काम कर रहा है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शहर की समस्याओं के समाधान के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में शहर की मूलभूत समस्याओं और नगर निगम की संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली, लेकिन जलभराव, सीवेज, स्ट्रीट लाइट और खराब सड़कों जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्षदों का विरोध बैठक पर हावी रहा।




