आज से मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, UCC विधेयक होगा पेश; उज्जैन जमीन खरीद, नीट पेपरलीक समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
MP Assembly Monsoon Session: 24 जुलाई तक चलेगा पांच दिवसीय सत्र, सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार; खाद-बीज संकट, मुआवजा, शिक्षा और विकास के मुद्दे रहेंगे केंद्र में

MP Assembly Monsoon Session: भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। पांच दिनों तक चलने वाला यह सत्र 24 जुलाई तक चलेगा। इस बार का सत्र कई अहम मुद्दों और राजनीतिक टकराव का गवाह बनने वाला है। विपक्ष जहां उज्जैन जमीन खरीद मामले, केन-बेतवा परियोजना के विस्थापितों को मुआवजा, नीट-यूजी पेपरलीक, सीबीएसई परीक्षा में कथित गड़बड़ी, खाद-बीज संकट और सूखे जैसी परिस्थितियों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश कर अपना बड़ा राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाएगी।
रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यूसीसी विधेयक को मंजूरी दे दी गई। अब इसे मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस विधेयक पर सदन में व्यापक चर्चा और सत्ता-विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिलेगी।
सेंट्रल हॉल में लगीं राष्ट्रीय नेताओं की तस्वीरें
मानसून सत्र से पहले विधानसभा के सेंट्रल हॉल को नए स्वरूप में सजाया गया है। यहां पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीरें लगाई गई हैं।
गौरतलब है कि दिसंबर 2023 में विधानसभा के सदन के भीतर आसंदी के दाईं ओर लगी जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर हटाकर डॉ. भीमराव अंबेडकर का चित्र लगाया गया था। उस समय कांग्रेस विधायकों ने इसका विरोध किया था। अब सेंट्रल हॉल में नेहरू की तस्वीर लगाए जाने को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार नियम 139 के तहत खरीफ फसलों की बुआई के लिए खाद और बीज की कमी तथा कम वर्षा से किसानों के सामने पैदा हुई समस्याओं पर चर्चा की मांग करेंगे। इसके अलावा उज्जैन जमीन खरीद और केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित परिवारों के मुआवजे सहित कई मामलों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
कांग्रेस सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाएगी। नीट-यूजी पेपरलीक और सीबीएसई परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े करेगा।
विधायक अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दे भी उठाएंगे
- देवेंद्र पटेल (सिलवानी) तेज आवाज में डीजे और साउंड सिस्टम के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने का मामला ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाएंगे।
- अर्चना चिटनीस (बुरहानपुर) महाराष्ट्र के पंढरपुर में मध्यप्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं की मांग करेंगी।
- आतिफ अकील (भोपाल उत्तर) राजधानी में मल्टीलेवल पार्किंग और खराब सड़कों के निर्माण का मुद्दा सदन में रखेंगे।
- विश्वनाथ सिंह (तेंदूखेड़ा) नरसिंहपुर जिले के सिहोरा को जनपद पंचायत बनाने की मांग करेंगे।
- राजेश शुक्ला (बिजावर) छतरपुर जिले के ईशानगर को नगर परिषद का दर्जा देने का प्रस्ताव रखेंगे।
- मधु भगत (परसवाड़ा) सिंगरौली के कोल ब्लॉक की जमीन कम दर पर खरीदे जाने से हुए आर्थिक नुकसान का मुद्दा उठाएंगे।
सत्र पर रहेगी पूरे प्रदेश की नजर
मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी और प्रशासनिक प्रस्ताव सदन के पटल पर रख सकती है। वहीं विपक्ष जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना चुका है। ऐसे में 20 से 24 जुलाई तक चलने वाला यह विधानसभा सत्र प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों को सामने रखेगा, जबकि विपक्ष सरकार की नीतियों और फैसलों पर तीखे सवाल उठाकर उसे कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करेगा।




