MP Vehicle Registration : एमपी के बाहर से खरीदी है गाड़ी तो जुलाई से पहले करवा लें ये काम, नहीं तो चुकानी पड़ सकती है बड़ी कीमत
MP Vehicle Registration : एमपी के बाहर से खरीदी है गाड़ी तो जुलाई से पहले करवा लें ये काम, नहीं तो चुकानी पड़ सकती है बड़ी कीमत
MP Vehicle Registration : मध्यप्रदेश की आम जनता से जुड़ी बड़ी और जरूरी खबर सामने आई है। अगर आपने भी MP के बाहर से गाड़ी खरीदी है तो ये खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आपको बता दें कि अब दूसरे राज्यों से गाड़ी खरीदने वालों को री-रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। अगर आपने जुलाई से पहले ऐसा नहीं किया तो आपका वाहन की जब्त हो सकता है और कार्रवाई भी हो सकती है। इसके साथ ही 2000 का जुर्माना भी देना होगा।
अगर आप पिछले साल का आंकड़ा देखें तो लगभग ढाई गुना ज्यादा संख्या में सेकंड हैंड वाहन खरीदे गए हैं। यानी कि राजधानी भोपाल में अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक 3840 पुरानी गाड़ियां दूसरे राज्यों से खरीदी गईं है। इनमें से अभी तक सिर्फ 1665 गाड़ियों के ही री-रजिस्ट्रेशन या टैक्स RTO में जमा हुआ है। ठीक इसी तरह प्रदेश के सभी जिलों में 25,090 गाड़ियां दूसरे राज्यों से लाई गई हैं। जिनमें से अभी तक सिर्फ 9113 गाड़ियों का ही री-रजिस्ट्रेशन या टैक्स RTO में जमा हुआ है।
आपको बता दें कि री-रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आपको गाड़ी का नंबर बदलवाने की जरूरत नहीं है। यदि आप चाहें तो दूसरे राज्य से लाई गई गाड़ी का नंबर बदलवाए बगैर ही री-रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि री-रजिस्ट्रेशन के समय गाड़ी की कीमत का 5 से 9 प्रतिशत तक ही टैक्स लगता है।
री-रजिस्ट्रेशन जरूरी
प्रभारी RTO रितेश तिवारी के मुताबिक, देश में दिल्ली समेत अन्य राज्यों में 10 साल पुरानी स्कूल बस और अन्य वाहनों को चलाने पर प्रतिबंध है। इस वजह से 10 साल पुरानी गाड़ियों को लोग अन्य राज्य में बेच देते हैं। ऐसे में गाड़ियों का टैक्स भरना जरूरी होता है। अगर गाड़ी मालिक चाहे तो रजिस्ट्रेशन नंबर भी मामूली फीस जमा करके बदलवा सकता है।
नहीं करवाया तो जब्त होगा वाहन
कई लोग दूसरे राज्य से खरीदे हुए वाहन को बिना री-रजिस्ट्रेशन करवाए चलाने लगते हैं। जो कि करवाना बहुत जरूरी है। अगर जुलाई से पहले संबंधित RTO में री-रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया तो गाड़ी को जब्त कर कार्रवाई की जाएगी।




