Hathras stampede Updates : उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मंगलवार (2 जुलाई) को मची भगदड़ में अब तक 121 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इनमें 116 महिलाएं हैं। आपदा आयुक्त ने बुधवार को मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि 28 लोग अभी गंभीर रूप से जख्मी हैं। यह भीषण हादसा सिकंदराराऊ कस्बे में भोले बाबा उर्फ नारायण सरकार हरि के सत्संग में हुआ। हादसे की जांच को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार एक्शन में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीड़ितों से मिलने के लिए हाथरस पहुंच चुके हैं। इससे पहले उन्होंने कहा कि ये हादसा है या साजिश इसकी पूरी तह तक जाएंगे।
FIR में मुख्य सेवादार आरोपी, भोले बाबा का नाम नहीं
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपी पुलिस ने सत्संग के आयोजक और मुख्य सेवादार वेद प्रकाश मधुकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, इसमें बाबा का नाम नहीं है। उधर, भोले बाबा के मैनपुरी में छिपे होने की जानकारी सामने आ रही है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। दूसरी ओर, आरोप है कि आयोजकों ने भगदड़ में मारे गए लोगों के सामान खेतों में छिपाए गए, ताकि हादसे की भयावहता पर पर्दा डाला जा सके। सत्संग के लिए 80 हजार लोगों के शामिल होने की परमिशन दी गई थी, लेकिन यहां पर ढाई लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ जमा हो गई। हादसे के वक्त घटनास्थल पर 100 से ज्यादा सेवादार मौजूद थे।
मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख का मुआवजा
यूपी सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार की मदद की घोषणा की है। साथ ही कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए थे। हाथरस जिले में सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई। जिससे 121 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि, 28 लोग अब भी गंभीर रूप से घायल हैं।
कौन है भोल बाबा?
भोले बाबा एटा जिले की पटयाली तहसील के बहादुर नगरी गांव का रहने वाला है। 26 साल पहले सरकारी नौकरी छोड़कर प्रवचन शुरू किया था। उसका असली नाम नारायण साकार हरि है। एक प्रवचन में बताया था कि वह गुप्तचर ब्यूरो में पदस्थ थे। बाबा के ज्यादातर अनुयायी पश्चिम यूपी, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड में हैं।




