Damoh : आखिर जिला प्रशासन ने मिशन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ क्यों नहीं की कार्रवाई? राज्य बाल आयोग ने कलेक्टर को जारी किया नोटिस
Damoh Mission Hospital Case Update: राज्य बाल आयोग ने दमोह कलेक्टर को नोटिस जारी कर अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
दमोह। Damoh Mission Hospital Case Update: एमपी के दमोह में मिशनरी द्वारा संचालित मिशन अस्पताल इन दिनों गंभीर विवादों के घेरे में है। जहां एक ओर अस्पताल में नकली डॉक्टर के इलाज करने का मामला सामने आया है, वहीं अब एक और गंभीर मामला उजागर हुआ है, जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। राज्य बाल आयोग ने दमोह कलेक्टर को नोटिस जारी कर अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
Damoh Mission Hospital Case Update: दरअसल राज्य बाल आयोग के सदस्य ओमकार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ महीने पहले हिंडौरिया थाना क्षेत्र की एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता का मिशन अस्पताल में गर्भपात कराया गया था। आरोप है कि पीड़िता को दवाइयां देकर गर्भपात कराया गया, लेकिन इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन द्वारा पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई।
गर्भपात के दौरान पीड़िता की हालत बिगड़ गई, जिसे बाद में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज किया गया। इस गंभीर लापरवाही की शिकायत राज्य बाल आयोग को मिली थी। आयोग ने पहले भी दमोह कलेक्टर को इस मामले में पत्र भेजा था, जिसमें अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
हालांकि, आयोग का आरोप है कि जिला प्रशासन लगातार मिशन अस्पताल प्रबंधन के पक्ष में खड़ा रहा और कार्रवाई नहीं की गई। अब इस मामले में दोबारा राज्य बाल आयोग ने दमोह कलेक्टर को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट आयोग को सौंपने के निर्देश दिए हैं। इस नोटिस के सामने आने के बाद जिले में एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।




