शहडोल में लापरवाह अधिकारियों पर कलेक्टर की सख्ती, 14 पीठासीन अधिकारियों पर 9,500 रुपये जुर्माना

Shahdol News: शहडोल। सरकारी दफ्तरों में आम लोगों के काम को समय-सीमा में पूरा नहीं करना अब अधिकारियों को भारी पड़ रहा है। शहडोल के नवागत कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए समय पर सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने वाले 14 पीठासीन अधिकारियों पर कुल 9,500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। कार्रवाई के बाद लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर नामांतरण तक में लापरवाही
जारी आदेश के अनुसार, विभिन्न मामलों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भूमि सीमांकन, नामांतरण, विवाह पंजीयन और अनुज्ञप्ति नवीनीकरण जैसे प्रकरण शामिल हैं।
प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध नहीं कराने के मामले में नगर पालिका धनपुरी के अधिकारी अमित तिवारी पर अर्थदंड लगाया गया है। वहीं भूमि सीमांकन प्रकरण में नायब तहसीलदार सोहागपुर श्यामलाल मोगरे, जन्म के एक वर्ष बाद पंजीयन की अनुमति संबंधी मामले में तहसीलदार सोहागपुर दीपक पटेल और अविवादित नामांतरण में लापरवाही पर नायब तहसीलदार जयसिंहनगर शनि द्विवेदी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
मृत्यु प्रमाण पत्र में भी लापरवाही
मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों में ग्राम पंचायत कुबरा के सचिव रामचरित साहू, जैतपुर के सचिव प्रभुनाथ बैगा, ग्राम पंचायत तेंदूडोल के संग्राम सिंह, धमनीकला के सचिव अरुण मिश्रा और मैरटोला के सचिव लक्ष्मण कोल पर भी अर्थदंड लगाया गया है। वहीं विवाह पंजीयन संबंधी मामलों में ग्राम पंचायत कैरहा के अजय सिंह तथा ग्राम पंचायत आखेटपुर के सचिव रामकिशोर पटेल के खिलाफ कार्रवाई की गई। जन्म प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध नहीं कराने और अनुज्ञप्ति नवीनीकरण संबंधी प्रकरणों में भी संबंधित अधिकारियों पर अर्थदंड लगाया गया है।
नगर पालिका अधिकारी पर 2 हजार रुपये का जुर्माना
मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराने के मामले में ग्राम पंचायत गोपालपुर के सचिव पर 1,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। वहीं जन्म प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध नहीं कराने के मामले में नगर पालिका अधिकारी शहडोल निशांत सिंह पर 2,000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।
तीन दिन में जमा करनी होगी राशि
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को अधिरोपित अर्थदंड की राशि तीन दिवस के भीतर जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर की इस कार्रवाई को सरकारी सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने और आम लोगों की शिकायतों के त्वरित निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि लोक सेवाओं में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।




