
नई दिल्ली। स्कूल में पंखा नहीं चलता, पीने के लिए साफ पानी नहीं मिलता, शौचालयों की हालत खराब है और कई जगह शिक्षक तक उपलब्ध नहीं हैं। इन बुनियादी समस्याओं को लेकर अब स्कूली बच्चे खुद आवाज उठाने लगे हैं। अगस्त 2026 में उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बच्चों के प्रदर्शन सामने आए हैं। इन प्रदर्शनों को ‘Gen Alpha Protest’ के रूप में देखा जा रहा है।
खास बात यह है कि प्रदर्शन करने वाले बच्चे अभी वोट देने की उम्र तक नहीं पहुंचे हैं, लेकिन वे अपने स्कूल और पढ़ाई से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं। कई जगह बच्चों ने मार्च निकाला, धरना दिया, स्कूल के गेट बंद किए और सरकारी अधिकारियों के कार्यालय तक पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं।
रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर प्रदर्शन
इन प्रदर्शनों में बच्चों की मांगें किसी राजनीतिक विचारधारा से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर हैं। बच्चों ने पंखे, बिजली, साफ पानी, शौचालय, शिक्षक, मिड-डे मील, डेस्क-बेंच, सड़क और स्कूल भवन जैसी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई है।
यूपी के फतेहपुर में 1500 छात्रों का प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में 28 जुलाई को करीब 1,500 छात्रों ने कई घंटे तक प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप था कि कई कक्षाओं में बिजली और पंखों की व्यवस्था ठीक नहीं है। इसके अलावा शौचालयों की सफाई, पीने के पानी और पर्याप्त डेस्क-बेंच की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आईं।
छात्रों ने स्कूल में लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल का निरीक्षण किया और छात्रों की कई मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया।
बिहार में 4 किलोमीटर पैदल चलकर SDM कार्यालय पहुंचे बच्चे
बिहार के गया जिले के सिमुआरा मिडिल स्कूल के 40 से ज्यादा छात्र अपनी समस्याएं लेकर करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर टिकारी SDM कार्यालय पहुंचे। बच्चों ने खराब मिड-डे मील, गंदे शौचालय, टूटे हैंडपंप और खेल सामग्री की कमी की शिकायत की।
बच्चों ने अधिकारियों से सीधे बातचीत कर समस्याओं के समाधान की मांग की। इसके बाद SDM ने स्कूल के प्रधानाध्यापक को समस्याएं दूर करने के निर्देश दिए और शिकायतों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की।
राजस्थान में शिक्षक की मांग को लेकर स्कूल गेट बंद
राजस्थान के बाड़मेर और जालौर में भी छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि कई स्कूलों में जरूरी विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है। बाड़मेर में छात्रों ने स्कूल का गेट बंद कर प्रदर्शन किया। अधिकारियों की ओर से तीन शिक्षकों को भेजने का भरोसा दिए जाने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया।
34 से 39 करोड़ तक हो सकती है Gen Alpha की आबादी
Gen Alpha की उम्र सीमा को लेकर अलग-अलग मत हैं। आम तौर पर 2010 के आसपास से 2020 के दशक के मध्य तक जन्मे बच्चों को इस पीढ़ी में शामिल किया जाता है। भारत में 0-14 वर्ष की आबादी को इसका मोटा आधार माना जाए तो Gen Alpha की संख्या करीब 34 से 39 करोड़ के बीच हो सकती है।
यूपी से लेकर बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक सामने आ रहे ये प्रदर्शन संकेत देते हैं कि स्कूली बच्चे अब अपनी रोजमर्रा की समस्याओं को लेकर खुद प्रशासन तक पहुंचने लगे हैं। स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े ये मुद्दे आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती और प्रशासनिक जवाबदेही का विषय बन सकते हैं।




