
Bilaspur News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट प्रशासन ने न्यायिक अधिकारियों के हित में महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किए हैं। चीफ जस्टिस के निर्देश पर रजिस्ट्रार जनरल ने हाई कोर्ट विधिक सेवा समिति, बिलासपुर के सचिव रूपनारायण पठारे को राष्ट्रीय स्तर के अभियान ‘मेडिएट फॉर नेशन 3.0’ के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं, निचली न्यायिक सेवा के सात अधिकारियों को एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) का लाभ भी प्रदान किया गया है।
‘मेडिएट फॉर नेशन 3.0’ अभियान की जिम्मेदारी
रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश के अनुसार रूपनारायण पठारे अभियान के दौरान मेडिएशन एंड कन्सीलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी (MCPC) के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। उन्हें अभियान से जुड़े आंकड़ों के आदान-प्रदान, रिपोर्टिंग और विभिन्न गतिविधियों के संचालन में समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह अभियान देशभर में वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पांच वरिष्ठ सिविल जजों को प्रथम एसीपी स्केल
हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पांच अधिकारियों को प्रथम एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्केल का लाभ दिया गया है। इनमें शुभदा गोयल को 16 जुलाई 2024 से, मोहित सिंह को 15 जुलाई 2024 से, महेश बाबू साहू को 16 जुलाई 2024 से, रोजेमिन राजेश एक्का को 18 जुलाई 2024 से तथा निक्षन दावेद लकड़ा को 17 जुलाई 2024 से एसीपी का लाभ स्वीकृत किया गया है।
दो अन्य न्यायिक अधिकारियों को भी मिला लाभ
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) मोहम्मद जहांगीर तिगाला को द्वितीय एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्केल की मंजूरी दी गई है। यह लाभ 16 दिसंबर 2023 से 28 जनवरी 2024 की अवधि के लिए स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा अंजलि पांडे को 9 अक्टूबर 2020 से 8 अक्टूबर 2025 तक की अवधि के लिए प्रथम एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्केल का लाभ प्रदान किया गया है।
वेतनवृद्धि संबंधी शर्त भी लागू
हाई कोर्ट प्रशासन ने आदेश में स्पष्ट किया है कि एसीपी का लाभ संबंधित न्यायिक अधिकारी के विरुद्ध यदि वेतनवृद्धि रोकने संबंधी कोई कार्रवाई प्रभावी होती है, तो वह उसके अधीन रहेगा। यानी यह लाभ संबंधित सेवा नियमों और अनुशासनात्मक प्रावधानों के अनुसार लागू होगा।
न्यायिक अधिकारियों को मिलेगा करियर में लाभ
हाई कोर्ट द्वारा जारी इन आदेशों से कुल सात न्यायिक अधिकारियों को निर्धारित तिथियों से करियर प्रोग्रेशन का लाभ मिलेगा। वहीं, ‘मेडिएट फॉर नेशन 3.0’ अभियान के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति से हाई कोर्ट और एमसीपीसी के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा, जिससे वैकल्पिक विवाद निपटान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।




