July 29, 2026 |

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किसानों के लिए बड़ी खबर, 10 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं खरीदी, छोटे किसानों को मिलेगा पहला मौका

MP Wheat Procurement 2026: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए काम की खबर है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं की अप्रैल से 2 चरणों में खरीदी की जाएगी।

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MP Wheat Procurement 2026: भोपाल। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए काम की खबर है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं की अप्रैल से 2 चरणों में खरीदी की जाएगी। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। पहले चरण के लिए 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ होगी। गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष प्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाये गये हैं।

बता दें कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिये इस बार 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 प्रति क्विंटल है और ₹40 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। खरीदी केंद्रों पर कामकाज सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक रहेगा और सरकारी छुट्टियों के दिनों में भी केंद्र खुले रहेंगे इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो विगत वर्ष से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। पिछले वर्ष 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है।

सीएम बोले: पहले छोटे किसानों से होगी खरीदी, तय समय पर होगी शुरू

रविवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में गेहूं उपार्जन कार्य के संबंध में हुई बैठक में कहा कि प्रदेश में तय वक्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जायेगा। उपार्जन प्रक्रिया में पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद मध्यम एवं बड़े किसानों के गेहूं की खरीदी की जाएगी। स्लॉट बुकिंग वाले सभी किसानों का गेहूं चरणबद्ध रूप से खरीदा जाएगा।

प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं

सीएम डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है। प्रदेश में गेहूं खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से बारदाने की समस्या नहीं आने दी जाएगी। केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर सहित अन्य बारदान प्रदाय एजेंसियों से बारदान आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उपार्जन व्यवस्था पर नियमित रूप से निगरानी के लिए एक राज्य स्तरीय एवं कृषि उपज मंडियों में भी कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए गए हैं। गेहूं उपार्जन के दृष्टिगत प्रदेश के सभी तौल केंद्रों का 10 अप्रैल से पहले गहन निरीक्षण करा लिया जाए, जिससे किसानों में किसी भी तरह का संशय न रहे। सभी मंडियों को वैश्विक जरुरतों के मुताबिक अपग्रेड कर इन्हें वर्ल्ड क्लास मंडी की तरह तैयार किया जाये।


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