CM मोहन यादव ने उमा भारती से की मुलाकात, खड़े हनुमान मंदिर को लेकर लिखे पत्र के बाद बढ़ी सियासी हलचल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती से मुलाकात करने उनके भोपाल स्थित बंगले पहुंचे।

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती से मुलाकात करने उनके भोपाल स्थित बंगले पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब उमा भारती ने हाल ही में उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत कंठाल से छत्री चौक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण में मंदिर को नहीं हटाने और वैकल्पिक रास्ता तलाशने की मांग की है।
विकास के साथ आस्था का भी ध्यान रखने की मांग
उमा भारती ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में विकास कार्यों की जरूरत को स्वीकार करते हुए धार्मिक आस्था और जनभावनाओं का ध्यान रखने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए ऐसी वैकल्पिक योजना तैयार की जाए, जिससे खड़े हनुमान मंदिर को बिना हटाए विकास कार्य पूरा किया जा सके।
सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन में कई बड़े विकास और सड़क विस्तार के कार्य प्रस्तावित हैं। इसी क्रम में कंठाल से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण की योजना भी शामिल है। इस योजना को लेकर खड़े हनुमान मंदिर को हटाए जाने की आशंका का मुद्दा सामने आया है।
उमा भारती ने 2015 के भोपाल मामले का दिया उदाहरण
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अपने पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2015 में भोपाल में हुए एक मामले का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कमलापति पार्क के सामने सड़क और फ्लाईओवर निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय निर्माण के रास्ते में आ रही एक पुरानी मस्जिद को नुकसान पहुंचाने के बजाय योजना में बदलाव किया गया था।
उमा भारती ने इसी उदाहरण के आधार पर उज्जैन में भी वैकल्पिक योजना तैयार करने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए धार्मिक स्थलों और लोगों की आस्था का भी सम्मान किया जा सकता है।
मुलाकात के बाद चर्चाओं का दौर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उमा भारती के बंगले पहुंचना इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में उन्होंने खड़े हनुमान मंदिर को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हालांकि मुख्यमंत्री और उमा भारती के बीच मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि दोनों के बीच खड़े हनुमान मंदिर और उज्जैन में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर कोई विशेष बातचीत हुई या नहीं।




