
रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। हाईकोर्ट द्वारा 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षाओं के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने संबंधी राज्य सरकार की अधिसूचना के अमल पर रोक लगाए जाने के बाद जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच ने सरकार पर छात्रों को धोखा देने का आरोप लगाया है। छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार हाईकोर्ट में अपने ही फैसले का प्रभावी ढंग से बचाव करने में नाकाम रही।
मंच के नेता कुणाल प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले का बचाव करने के लिए हाईकोर्ट में न तो महाधिवक्ता और न ही कोई वरिष्ठ अधिवक्ता पेश हुआ। उन्होंने दावा किया कि मौजूद वकीलों ने भी सरकार के फैसले के पक्ष में प्रभावी दलील नहीं रखी। छात्रों ने इसे आंदोलन खत्म कराने के लिए सरकार की कथित रणनीति करार दिया।
24 जिलों में पुतला दहन का ऐलान
छात्र नेताओं ने घोषणा की है कि शुक्रवार को राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका जाएगा। मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि सरकार द्वारा 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के बाद छात्रों ने अपना आंदोलन दो महीने के लिए स्थगित किया था। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद उनका भरोसा टूट गया है।
26 दिन तक चला था प्रदर्शन
अभ्यर्थियों ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार 26 दिनों तक प्रदर्शन किया था। सरकार की ओर से 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिए जाने के बाद छात्रों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। अब मंच का आरोप है कि सरकार की मंशा पर भरोसा करना उनकी भूल साबित हुई और हजारों अभ्यर्थियों के साथ धोखा हुआ है।
हाईकोर्ट ने अधिसूचना के अमल पर लगाई रोक
हाईकोर्ट ने 11वीं और 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षाओं के जरिए सरकारी कर्मचारियों की भर्ती रद्द करने संबंधी राज्य सरकार की अधिसूचना के अमल पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्तियां रद्द करने वाले आदेश पर भी रोक लगाई है। सरकार की अधिसूचना के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई, 15 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा- अनियमितताओं से समझौता नहीं
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करने की बात कही। भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर 16 दिनों तक अनशन कर चुके महतो ने कहा कि उनका आंदोलन किसी उम्मीदवार के खिलाफ नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और व्यवस्थागत खामियों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि योग्य और निर्दोष अभ्यर्थियों को न्याय मिलना चाहिए, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांगें अभी भी कायम हैं और वे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।




