September 20, 2026 |

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Ram Mandir Trust Meeting: राम मंदिर ट्रस्ट की आज अहम बैठक: चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर होगा फैसला, दान विवाद पर SIT रिपोर्ट भी होगी पेश

Ayodhya Ram Mandir Trust Meeting: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार दोपहर 3 बजे अयोध्या में आयोजित होगी।

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Ayodhya Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार दोपहर 3 बजे अयोध्या में आयोजित होगी। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफों पर विचार किया जाएगा। दोनों ने राम मंदिर के दान-पात्रों से प्राप्त राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद के बाद नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा सौंपा था। बैठक में इस मुद्दे के साथ-साथ दान-पात्रों की राशि की गणना को लेकर गठित विशेष जांच दल (SIT) की अंतरिम रिपोर्ट भी ट्रस्ट के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा चल रही है। ऐसे में ट्रस्ट की ओर से लिए जाने वाले फैसलों पर सभी की नजर बनी हुई है।

स्थायी ट्रस्टियों के हाथ में होगा अंतिम फैसला

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से स्वतंत्र संस्था है। ट्रस्ट से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णय केवल स्थायी ट्रस्टी ही लेते हैं। ट्रस्ट का गठन नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद फरवरी 2020 में केंद्र सरकार द्वारा किया गया था।

ट्रस्ट में कुल 15 सदस्यों का प्रावधान है, हालांकि वर्तमान में एक सदस्य के निधन के कारण 14 सदस्य हैं। इनमें 4 पदेन सदस्य ऐसे हैं जिन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त नहीं है। केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि ट्रस्ट का हिस्सा तो हैं, लेकिन वे किसी प्रस्ताव पर मतदान या निर्णय नहीं ले सकते।

बैठक में जो सदस्य व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पाएंगे, वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे। ट्रस्ट की बैठक प्रत्येक तीन महीने में आयोजित की जाती है। पिछली बैठक 21 मार्च को रामनवमी की तैयारियों को लेकर हुई थी।

दान विवाद और SIT रिपोर्ट पर रहेगी नजर

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा दान-पात्रों में प्राप्त राशि की गणना को लेकर गठित एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट है। ट्रस्ट के सदस्य रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों और जांच की प्रगति की जानकारी लेंगे। इसके आधार पर आगे की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं पर भी चर्चा होने की संभावना है।

इसी क्रम में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर भी विचार किया जाएगा। ट्रस्ट यह तय करेगा कि इस्तीफे स्वीकार किए जाएं या दोनों को अपने पदों पर बने रहने के लिए कहा जाए।

ट्रस्ट की संरचना में बदलाव पर भी हो सकती है चर्चा

सूत्रों के अनुसार बैठक में ट्रस्ट की वर्तमान संरचना, रिक्त पदों पर नए सदस्यों की नियुक्ति और भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी चर्चा हो सकती है। ट्रस्ट के नियमों के अनुसार किसी नए स्थायी ट्रस्टी को शामिल करने या किसी बड़े निर्णय के लिए स्थायी ट्रस्टियों के बहुमत से प्रस्ताव पारित होना आवश्यक है।

वर्तमान में केवल महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और आमंत्रित सदस्य गोपाल नागरकट्टे (राव) के पास आरती पास और वीआईपी पास जारी करने सहित कुछ प्रशासनिक अधिकार रहे हैं। हालांकि आमंत्रित सदस्य अपनी राय दे सकते हैं, लेकिन उन्हें मतदान या प्रशासनिक निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त नहीं है।

ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि महाराज वित्तीय मामलों की जिम्मेदारी संभालते हैं। इसके अलावा स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ जी महाराज, युगपुरुष परमानंद गिरि महाराज, महंत दिनेंद्र दास, कृष्ण मोहन और वरिष्ठ अधिवक्ता के. पारासरन ट्रस्ट के प्रमुख स्थायी सदस्यों में शामिल हैं। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा हैं, जबकि निर्माण कार्य की निगरानी गोपाल नागरकट्टे कर रहे हैं।

बैठक के प्रमुख एजेंडे

  • महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर निर्णय।
  • दान-पात्रों से प्राप्त राशि की गणना को लेकर एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट पर चर्चा।
  • राम मंदिर प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा।
  • ट्रस्ट में रिक्त पदों पर नए नामों पर विचार।
  • अध्यक्ष की अनुमति से अन्य आवश्यक विषयों पर निर्णय।

ट्रस्ट की इस बैठक को राम मंदिर प्रबंधन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष रूप से दान विवाद, एसआईटी की रिपोर्ट और शीर्ष पदाधिकारियों के भविष्य को लेकर लिए जाने वाले निर्णयों पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं।


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