July 29, 2026 |

BREAKING NEWS

ब्रेकिंगमध्यप्रदेश

मालवा-निमाड़ में जल संकट गहराया: 43° तापमान, सूखते जलस्रोत और हजारों लोग प्रभावित

Namaskar Madhya Pradesh

Listen to this article

Water Crisis Deepens in Malwa-Nimar: मालवा-निमाड़। अंचल में भीषण गर्मी के साथ जल संकट गहराता जा रहा है। 40 डिग्री से ऊपर पहुंचते तापमान ने भूजल स्तर को तेजी से नीचे धकेल दिया है, जिससे पारंपरिक जलस्रोत सूखने लगे हैं। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, जहां लोगों को पानी के लिए रोजाना कई किलोमीटर तक भटकना पड़ रहा है। कई जगह नल-जल योजनाएं अधूरी या निष्प्रभावी हैं, तो कहीं हैंडपंप और ट्यूबवेल जवाब दे चुके हैं। आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

खरगोन: आदिवासी अंचल में सबसे ज्यादा संकट
जिले में तापमान 43 डिग्री के आसपास पहुंचते ही जलस्रोत सूखने लगे हैं। भगवानपुरा और झिरन्या के पहाड़ी इलाकों में स्थिति बेहद चिंताजनक है। डुडवा फलिया, पटेल फलिया और घुसाई फलिया जैसे गांवों में ग्रामीणों को रोज घंटों पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। नल-जल योजना के तहत बनी टंकियां या तो अधूरी हैं या गुणवत्ताहीन निर्माण के कारण बेकार साबित हो रही हैं। कई लोग अब भी हैंडपंपों पर निर्भर हैं, जबकि सरपंच द्वारा निजी ट्यूबवेल से कुछ घरों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।

खंडवा : 120 गांव जल अभावग्रस्त घोषित
खंडवा जिले में जलस्तर 120 फीट तक गिर चुका है। पंधाना और हरसूद क्षेत्र में हालात ज्यादा खराब हैं। जलस्रोत सूखने से ग्रामीणों की पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। पीएचई विभाग ने करीब 120 गांवों को जल अभावग्रस्त घोषित किया है, जहां लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

नीमच: राहत, लेकिन खतरे के संकेत
नीमच जिले में फिलहाल जल संकट की स्थिति नहीं है, हालांकि जलस्तर गिरने के कारण जिले को जल अभावग्रस्त घोषित किया गया है। अभी पानी की उपलब्धता बनी हुई है, लेकिन भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है।

मंदसौर: बांध में कम पानी, 269 हैंडपंप बंद
मंदसौर में जलस्रोत तेजी से खाली हो रहे हैं। शहर में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई हो रहा है। जिले में 269 हैंडपंप बंद हो चुके हैं। कालाभाटा बांध में महज 9 फीट पानी शेष है, जिससे आने वाले दिनों में जल संकट और बढ़ने की आशंका है।

रतलाम: सूखे स्रोत, टैंकरों का सहारा
रतलाम जिले में नदी, तालाब और कुएं सूख चुके हैं। कई हैंडपंप और नलकूप बंद हो गए हैं। ग्रामीणों को खेतों से पानी लाना पड़ रहा है या निजी टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। आने वाले समय में स्थिति और बिगड़ने के संकेत हैं।

धार: अधूरी योजनाएं बनी समस्या
धार जिले के लोहारी, तलवाड़ा, धुलेट और बड़ौदिया में पेयजल संकट गहरा गया है। नल-जल योजनाएं अधूरी होने से टंकियां बनी हैं, लेकिन पानी नहीं मिल रहा। ग्रामीण ट्यूबवेल और कुओं पर निर्भर हैं। मोटर खराब होने से भी जलापूर्ति प्रभावित हो रही है।

शाजापुर: नदियां सूखने की कगार पर
शाजापुर में चीलर डेम में चार फीट से कम पानी बचा है। पार्वती, कालीसिंध और नेवज नदियां सूखने की कगार पर हैं। 700 से अधिक हैंडपंप बंद हो चुके हैं और कई गांवों में चार-पांच दिन में पानी मिल रहा है। लोग निजी टैंकरों से पानी खरीदने को मजबूर हैं।

देवास: हजारों लोग जल संकट से प्रभावित
देवास जिले के बागली और कन्नौद क्षेत्रों में जल संकट गहरा गया है। बेहरी क्षेत्र के कई गांवों में नल-जल योजना के ट्यूबवेल सूखने से चार हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। पुनर्वास गांव में टंकी जर्जर और पाइपलाइन खराब होने से पानी नहीं मिल पा रहा। ग्रामीण अन्य स्रोतों से पानी जुटा रहे हैं, जबकि भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है।

मालवा-निमाड़ में जल संकट

  • 43° खरगोन में अधिकतम तापमान
  • 120 फीट खंडवा में गिरा जलस्तर
  • 700+ हैंडपंप शाजापुर में बंद
  • 50 फीट+ नीचे शाजापुर में भूजल स्तर
  • 4000+ लोग देवास में जल संकट से प्रभावित

Namaskar Madhya Pradesh

Related Articles

Check Also
Close