
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच गुरुवार को फोन पर अहम बातचीत हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल विशेष रणनीतिक साझेदारी (Special Strategic Partnership) में हो रही प्रगति की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
वेस्ट एशिया के हालात पर हुई चर्चा
फोन पर हुई बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने वेस्ट एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा की। क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और शांति से जुड़े मुद्दों पर दोनों ने अपने विचार साझा किए। साथ ही इस बात पर सहमति जताई कि बदलते क्षेत्रीय परिदृश्य के बीच भारत और इजरायल के बीच नियमित संवाद और समन्वय बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
संवाद और कूटनीति पर भारत का जोर
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान भारत की उस नीति को दोहराया, जिसमें तनाव कम करने के लिए संवाद, कूटनीति और शांतिपूर्ण समाधान को प्राथमिकता दी जाती है। दोनों नेताओं ने भविष्य में भी उच्चस्तरीय संपर्क बनाए रखने और साझा हितों के मुद्दों पर करीबी सहयोग जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर
माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, नवाचार, साइबर सुरक्षा, हाई-टेक, स्टार्टअप और व्यापार जैसे क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की भी समीक्षा हुई। भारत और इजरायल पिछले कुछ वर्षों से इन क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहे हैं और भविष्य में नई संभावनाओं पर मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
फरवरी में हुई थी आमने-सामने मुलाकात
गौरतलब है कि इसी वर्ष फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने इजरायली संसद को संबोधित करते हुए भारत-इजरायल संबंधों को वैश्विक महत्व का बताया था। वहीं, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी प्रधानमंत्री मोदी को अपना “दोस्त ही नहीं, बल्कि भाई” बताया था।




