MP Weather Update: मध्यप्रदेश में आज तेज बारिश का अलर्ट, रीवा-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट; 14 जिलों में भारी बारिश के आसार
MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है और 21 अगस्त 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है।

MP Weather Update: भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है और 21 अगस्त 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्यप्रदेश में मौसम का असर सबसे ज्यादा रहेगा। रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 12 अन्य जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है।
मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक 21 से 23 अगस्त के बीच पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
रीवा-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट
21 अगस्त को रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी है।
इन जिलों में भी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इसके अलावा गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, निवाड़ी और मैहर में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
बरगी बांध के 9 गेट खोले जाएंगे
लगातार बारिश के कारण जबलपुर के बरगी बांध का जलस्तर भी बढ़ रहा है। बांध प्रबंधन के अनुसार 21 अगस्त को सुबह 11 बजे बांध के 9 गेट खोले जाने की योजना थी। इन गेटों को औसतन 0.78 मीटर तक खोलकर करीब 1031 क्यूमेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई। बांध के आसपास और निचले इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई है। मौसम के इस दौर को देखते हुए नर्मदा नदी के घाटों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में एक साथ कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। इनमें चक्रवाती परिसंचरण, मानसून ट्रफ और कम दबाव का क्षेत्र शामिल हैं। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब भी उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इन प्रणालियों के प्रभाव से मध्यप्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
प्रदेश में अब भी बारिश की कमी
21 अगस्त तक मध्यप्रदेश में मानसून की कुल बारिश सामान्य से कम रही। 1 जून से 20 अगस्त के बीच प्रदेश में करीब 544.4 मिलीमीटर यानी 21.4 इंच बारिश दर्ज हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश करीब 618.8 मिलीमीटर यानी 24.4 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में लगभग 11 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई। पूर्वी मध्यप्रदेश में कमी करीब 15 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 7 प्रतिशत बताई गई।
बारिश की कमी के बावजूद कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
21 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में भी प्रदेश में बादल छाए रहने और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। खासकर पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश का असर ज्यादा रह सकता है, जबकि पश्चिमी हिस्से के जिलों में भी धीरे-धीरे बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं।
कुल मिलाकर 21 अगस्त को मध्यप्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा। रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश का खतरा है, जबकि टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की संभावना है। लोगों को गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी गई है।




