September 13, 2026 |

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MP Weather News: मध्य प्रदेश में आज कैसा रहेगा मौसम का हाल? कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पढ़ें खबर

Weather Update: मौसम विभाग ने मंगलवार को जबलपुर, मंडला, दमोह और उमरिया में लू चलने की चेतावनी जारी की है।

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MP Weather Update: भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक में हो रही देरी का असर साफ दिखाई देने लगा है। जून का अधिकांश समय बीत जाने के बावजूद प्रदेश में अपेक्षित बारिश नहीं हो सकी है। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 70.9 मिमी (करीब 2.8 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 34.3 मिमी (करीब 1.3 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 52 प्रतिशत कम है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत 48 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित होने लगी है।

सोयाबीन की बोवनी पिछड़ी, किसान बारिश का इंतजार कर रहे

कम बारिश का सबसे ज्यादा असर सोयाबीन समेत खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, बुवाई के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी जरूरी है और इसके लिए कम से कम 4 इंच बारिश होना आवश्यक माना जाता है। फिलहाल प्रदेश में केवल भोपाल ऐसा जिला है, जहां 4.6 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 53 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा अधिकांश जिलों में मिट्टी में पर्याप्त नमी नहीं बन पाई है।

मानसून के देर से आने से बिगड़ा बारिश का संतुलन

प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार 23 जून तक मानसून नहीं पहुंच पाया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में मानसून के प्रवेश की संभावना है। मानसून की देरी के कारण तेज और व्यापक बारिश का दौर शुरू नहीं हो पाया, जिससे बारिश के आंकड़े काफी नीचे रह गए हैं।

हालांकि पूरे जून माह में प्री-मानसूनी गतिविधियां जारी हैं, लेकिन इसका लाभ सीमित क्षेत्रों को ही मिला है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसत से 71 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में 33 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

भोपाल समेत सात जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

प्रदेश के भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, गुना, मंदसौर, नीमच और श्योपुर जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। वहीं अनूपपुर, बालाघाट, जबलपुर, सागर, रीवा, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नर्मदापुरम, धार, देवास, रतलाम, सीहोर, विदिशा समेत 48 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

सोमवार को 17 जिलों में प्री-मानसूनी बारिश

सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसूनी गतिविधियां तेज रहीं। धार जिले में करीब 2 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल में पौन इंच पानी गिरा। इंदौर, खंडवा, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना, सिवनी, बड़वानी, शाजापुर और सीहोर समेत 17 जिलों में आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला।

दतिया सबसे गर्म, पचमढ़ी सबसे ठंडा

सोमवार को पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं दतिया सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। ग्वालियर में 40.2 डिग्री, जबलपुर में 36 डिग्री, भोपाल में 35.2 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री और इंदौर में 34.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

चार जिलों में लू का अलर्ट, 30 जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने मंगलवार को जबलपुर, मंडला, दमोह और उमरिया में लू चलने की चेतावनी जारी की है। वहीं भोपाल, इंदौर, धार, झाबुआ, खरगोन, खंडवा, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, देवास, हरदा, बैतूल, सागर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, ग्वालियर, मुरैना, भिंड और श्योपुर समेत 30 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। ऐसे में किसानों और आम लोगों की नजरें अब मानसून की दस्तक पर टिकी हुई हैं।


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