June 12, 2026 |

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MP राज्यसभा चुनाव: तीसरी सीट पर बढ़ा सस्पेंस, बीजेपी ने विधायकों को भोपाल में रुकने को कहा; कांग्रेस भी अलर्ट मोड में

Rajya Sabha Election 2026: कैलाश विजयवर्गीय के बयान के बाद राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

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Rajya Sabha Election 2026: भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। तीसरी सीट पर मुकाबले की संभावनाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने विधायकों की घेराबंदी शुरू कर दी है। भाजपा नेतृत्व ने सभी विधायकों को सोमवार तक भोपाल में ही रुकने के निर्देश दिए हैं, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी तीसरी सीट के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।

कैबिनेट मंत्री एवं मुख्य सचेतक कैलाश विजयवर्गीय के बयान के बाद राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। वहीं कांग्रेस भी किसी तरह की टूट-फूट या क्रॉस वोटिंग से बचने के लिए अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटी हुई है।

तीसरी सीट का क्या है गणित?

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के वोटों की आवश्यकता होती है। वर्तमान विधानसभा गणित के अनुसार भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं।

हालांकि कांग्रेस के दो विधायक राजेंद्र भारती और मुकेश मल्होत्रा मतदान नहीं कर सकेंगे, जिससे कांग्रेस के प्रभावी वोटों की संख्या 62 रह जाएगी।

भाजपा अपनी दो सीटें आराम से जीतने की स्थिति में है। दो सीटों के लिए आवश्यक 116 वोट देने के बाद भी उसके पास 48 अतिरिक्त वोट बचते हैं।

तीसरी सीट पर क्यों फंसा है मामला?

तीसरी सीट जीतने के लिए भाजपा को अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी। यदि पार्टी को निर्मला सप्रे और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक का समर्थन मिल जाता है, तो उसका आंकड़ा 50 वोट तक पहुंच सकता है। इसके बावजूद जीत के लिए उसे लगभग 8 और वोटों की आवश्यकता होगी।

यही वजह है कि राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग और संभावित रणनीतिक समर्थन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कांग्रेस को भी सतर्क रहने की जरूरत

कांग्रेस के पास प्रभावी रूप से 62 वोट हैं। अपनी सीट सुरक्षित रखने के लिए उसके पास केवल सीमित अतिरिक्त वोटों का ही सहारा है। ऐसे में यदि किसी भी स्तर पर क्रॉस वोटिंग होती है या विधायक अनुपस्थित रहते हैं, तो पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

रविवार को हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में 59 विधायक शामिल हुए। बैठक में संगठनात्मक एकजुटता और चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई।

कांग्रेस का दावा- नहीं दोहराएगा इतिहास

मंदसौर से कांग्रेस विधायक विपिन जैन ने भाजपा पर राजनीतिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजने के लिए सभी विधायक प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि बैठक में वरिष्ठ नेता कमलनाथ भी वर्चुअल रूप से शामिल हुए और सभी विधायकों को एकजुट रहने का संदेश दिया। कांग्रेस का दावा है कि इस बार अतीत जैसी कोई स्थिति नहीं बनेगी और विपक्ष की रणनीति सफल नहीं होगी।

दिलचस्प मुकाबले के संकेत

भाजपा द्वारा विधायकों को भोपाल में रोकने और कांग्रेस की सक्रियता ने राज्यसभा चुनाव को बेहद रोचक बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि तीसरी सीट पर मुकाबला होता है तो आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति में कई अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल दोनों दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और संख्या बल को सुरक्षित रखने में जुटे हुए हैं।


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