MP Railway Budget 2024-25 : नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री ने मंगलवार को बजट 2024-25 पेश कर दिया है। जिसमें मेडिकल, किसान, रोजगार जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया गया है। वहीं आज केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल बजट को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। रेल मंत्री ने कहा कि रेल हादसों से निपटने के लिए 10 हजार इंजन में कवच सिस्टम लगाया जायेगा। पूरे भारत में कवच का 0. 4 वर्जन फाइनल कर लिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि रेलवे में पिछले एक साल में 1 लाख 40 हजार लोगों को जॉब मिली। कुल 2 करोड़ लोगो ने इन नौकरियों के लिए आवेदन दिया था। वहीं पिछले 10 साल में रेलवे ने5 लाख से ज्यादा लोगों को जॉब दी।
MP में रेलवे को 14738 करोड़ रुपए का मिला बजट
अश्विनी वैष्णव ने मध्य प्रदेश के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश राज्य देश का हृदय प्रदेश है। वर्ष 2009-14 तक मध्य प्रदेश को औसत बजट मात्र 632 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष मिलता था जिसे माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में वर्ष 2024-25 के बजट में 14,738 करोड़ रुपए आवंटन किया गया है जो अभी तक का सर्वाधिक बजट आवंटन है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मध्य प्रदेश में रेल कार्य बहुत तेजी से हो रहे हैं। मध्य प्रदेश में 81 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है। मध्य प्रदेश में 100 प्रतिशत रेल लाइनों को विद्युतीकरण हो गया है। 80 रेलवे स्टेशनों को अमृत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में रेलवे ट्रैक पर 1062 फ्लाईओवर और रोड अण्डर ब्रिज का निर्माण किया गया है। अश्विनी वैष्णव ने मध्य प्रदेश में रेल परियोजनाओं को पर्याप्त बजट के माध्यम से लक्षित समय में पूरा करने की बात कही। रेलवे में सुरक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण निधि निर्धारित की गई है।
संरक्षा के बारे में बताते हुए रेलमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे पर कवच प्रणाली से संबंधित कार्यों को पूरा कर लिया गया है और आरडीएसओ द्वारा कवच 4.0 वर्जन को अंतिम रूप दिया गया है, अब इस अत्यानुधिक कवच प्रणाली को विभिन्न रेलमार्गों पर लगाए जाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उन्होने बताया कि कवच प्रणाली को स्थापित करने में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने, टावर लगाने, डेटा सेन्टर स्थापित करने और आरएफआईडी डिवाइस लगाने जैसे कार्य किए जाते है, जिससे इसमें समय लगता है। भारतीय रेलवे पर लगभग 3000 किलोमीटर रेलमार्ग पर कवच प्रणाली लगाई जा चुकी है।




