MP News: सीएम मोहन यादव ने की खेल-युवा कल्याण विभाग की समीक्षा, 9 अगस्त को निकलेगी भव्य तिरंगा यात्रा, दिए ये निर्देश
MP News: 9 अगस्त को भोपाल में निकलेगी भव्य तिरंगा यात्रा, खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए दिए अहम निर्देश

भोपाल। मध्यप्रदेश में युवाओं और खेलों को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, पोषण और खेल सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर भोपाल में युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी से भव्य तिरंगा यात्रा निकालने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को राज्य शूटिंग अकादमी में विभागीय योजनाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि अगस्त देशभक्ति और स्वतंत्रता की भावना का महीना है। ऐसे में 9 अगस्त की तिरंगा यात्रा युवाओं में राष्ट्रभक्ति, जिम्मेदारी और देश के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनेगी। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पोषण, प्रशिक्षण और पुरस्कार नीति पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षण दिया जाए तथा उनके पोषण, फिटनेस और प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट पुरस्कार एवं प्रोत्साहन नीति तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने मल्लखंभ और जिम्नास्टिक अकादमी को जल्द शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को एक ही स्थान पर बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
खेल अधोसंरचना के विस्तार की बनेगी कार्ययोजना
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संदीपनि विद्यालयों के आसपास उपलब्ध भूमि का उपयोग खेल परिसरों के विकास के लिए किया जाए। इसके लिए स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, जनजातीय कार्य और पंचायत विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के पिछले पांच वर्षों के खेल प्रदर्शन का विश्लेषण करने को कहा, ताकि जिस जिले में जिस खेल की अधिक संभावनाएं हैं, वहां उसी खेल की अधोसंरचना को प्राथमिकता दी जा सके। उन्होंने निर्माणाधीन खेल परिसरों में हेलीपैड जैसी आवश्यक सुविधाओं पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए।
इसके अलावा लंबित भूमि आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने, विभाग में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) गठित करने, केंद्र सरकार की खेल योजनाओं से अधिक से अधिक अनुदान प्राप्त करने तथा कॉरपोरेट क्षेत्र के सहयोग से खेल अधोसंरचना विकसित करने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर खेल सुविधाओं से प्रदेश के युवाओं को अपने राज्य में ही आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे।




