September 13, 2026 |

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खुरई में प्रधानमंत्री आवास योजना की लूट, विधायक भूपेंद्र सिंह ने खुद स्वीकार किया घोटाला, मुख्यमंत्री दौरे से पहले बड़ा खुलासा

MP Sagar Latest News: खुरई विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के नाम पर बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है।

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सागर। खुरई विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के नाम पर बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है। खुद भाजपा के विधायक और पूर्व नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह एक वायरल वीडियो में यह स्वीकार करते नजर आ रहे हैं कि एक ही वार्ड में 1500 मकान स्वीकृत हुए, लेकिन कई परिवारों को एक साथ 4-4, 6-6 और यहां तक कि 8-8 मकान तक अलॉट कर दिए गए। कुछ लोगों ने तो इन सरकारी पैसों से 2-2 और 4-4 मंजिला पक्के मकान भी बना लिए।

विधायक भूपेंद्र सिंह ने वायरल वीडियो में साफ-साफ कहा – “एक वार्ड में 1500 मकान बने हैं, एक मकान ढाई लाख का। एक घर में चार-चार मकान बने, 6-6 मकान बने हैं। हम नाम नहीं ले रहे, लेकिन कई घरों में 8-8 मकान तक बने हैं। कई लोगों के 2-2 मंजिला बन गए, कई लोगों के 4-4 मंजिला मकान बन गए।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में भारी आक्रोश है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-Urban एवं PMAY-Gramin) केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य हर गरीब परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराना था।

योजना के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं :

– आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) : सालाना आय 3 लाख रुपये तक।
– निम्न आय वर्ग (LIG) : सालाना आय 3 से 6 लाख रुपये तक।
– परिवार के पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
– एक परिवार को केवल *एक मकान* ही स्वीकृत किया जा सकता है।
– प्राथमिकता महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक, दिव्यांग और बेघर परिवारों को दी जाती है।
– लाभार्थी की सूची ग्राम सभा/नगर पालिका की बैठक में पारदर्शी तरीके से तैयार की जाती है और उसे सार्वजनिक करना अनिवार्य है।

– *सहायता राशि* :
– शहरी क्षेत्र में EWS को ₹2.5 लाख तक की केंद्रीय सहायता।
– ग्रामीण क्षेत्र में ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख तक (मजदूरी सहित)।
– मकान का निर्माण लाभार्थी के नाम पर और उसके खाते में सीधे ट्रांसफर होता है।

योजना का मूल उद्देश्य है कि वास्तविक गरीब, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले, बेघर या कच्चे मकान में रहने वाले परिवारों तक यह लाभ पहुंचे। लेकिन खुरई में जो हुआ, वह इसका उल्टा है।

अब खुरई में क्या हुआ? विधायक की जुबानी घोटाला

भूपेंद्र सिंह खुद पूर्व में मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री रह चुके हैं। उस समय PMAY-Urban के तहत मकानों के आवंटन और स्वीकृति में उनकी सीधी भूमिका थी। अब उनके अपने विधानसभा क्षेत्र में :

– एक ही परिवार को 4 मकान → ₹10 लाख सरकारी धन।
– एक ही परिवार को 6 मकान → ₹15 लाख सरकारी धन।
– एक ही परिवार को 8 मकान → ₹20 लाख सरकारी धन।

ये राशि उन संपन्न लोगों के खाते में गई जो पहले से पक्के मकान वाले थे और जिनकी जरूरत ही नहीं थी। असली गरीब आज भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं।

विधायक ने वीडियो में नाम लेने से इनकार कर दिया और कहा – “हम नाम नहीं ले रहे।” इसका सीधा मतलब है कि वे उन लोगों के नाम जानते हैं, लेकिन बचाना चाहते हैं। जाहिर है, ये लोग उनके अपने करीबी, रिश्तेदार या समर्थक होंगे।

भूपेंद्र सिंह ने खुरई को बनाया भ्रष्टाचार का अड्डा

भूपेंद्र सिंह लंबे समय से खुरई के विधायक हैं और भाजपा के कद्दावर नेता माने जाते हैं। लेकिन उनका कार्यकाल गुणवत्ताहीन विकास और भ्रष्टाचार के आरोपों से भरा पड़ा है।

– PMAY ही एकमात्र मामला नहीं है। कई लोग आरोप लगाते हैं कि अन्य योजनाओं – जैसे मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, सड़क निर्माण, जल जीवन मिशन आदि में भी इसी तरह का खेल हुआ है।
– विकास कार्यों में घटिया सामग्री का उपयोग, ठेकेदारों से कमीशनखोरी और लाभार्थी सूची में मनमानी के आरोप पहले से लगते रहे हैं।
– अब खुद विधायक का यह वीडियो प्रमाण बन गया है कि वे भ्रष्टाचार को नहीं सिर्फ जानते हैं, बल्कि उसे संरक्षण भी दे रहे हैं।

खुरई की जनता आज सवाल पूछ रही है – अगर विधायक को सब पता है, तो उन्होंने अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की? क्यों नाम नहीं बताए? क्या इसलिए कि घोटाले में उनका खुद का हाथ है?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से खुरई की जनता की अपील

10 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुरई विधानसभा के दौरे पर आ रहे हैं। जनता उनसे सीधी अपील कर रही है :

– अपने विधायक भूपेंद्र सिंह से पूछिए कि उन संपन्न परिवारों के नाम क्या हैं जिन्हें 4-8 मकान अलॉट किए गए?
– PMAY की पूरी जांच करवाइए और दोषियों पर तुरंत कार्रवाई कीजिए।
– अगर आपमें हिम्मत नहीं है तो दौरा रद्द कर दीजिए और इस्तीफा देकर घर बैठ जाइए। क्योंकि सरकार की योजनाएं गरीबों के लिए बनती हैं, उन्हें लूटने के लिए नहीं।

भाजपा हमेशा “ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा” का नारा देती है, लेकिन खुरई में उसके अपने विधायक ने साबित कर दिया कि यह नारा सिर्फ दिखावा है। अगर मुख्यमंत्री चुप रहते हैं तो यह माना जाएगा कि पूरी पार्टी इस भ्रष्टाचार की सहभागी है। खुरई की जनता अब जाग चुकी है। यह वीडियो सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में और भी खुलासे होंगे।


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