September 13, 2026 |

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CWC बैठक में खरगे का मोदी सरकार पर हमला, बोले- युवाओं का भविष्य, जनता की आस्था और देश की सीमाएं चिंता का विषय

कांग्रेस अध्यक्ष ने शिक्षा-रोजगार, राम मंदिर चढ़ावे और चीन सीमा के मुद्दे पर सरकार को घेरा, कहा- युवाओं के लिए तैयार होगा Education-to-Employment Roadmap

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। संसद के मानसून सत्र के समापन के बाद हुई इस बैठक में पार्टी ने कई राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। बैठक को संबोधित करते हुए खरगे ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राम मंदिर चढ़ावे और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर तीखा हमला बोला।

खरगे ने कहा कि संसद सत्र के बाद पहली बार CWC की बैठक हो रही है और देश के सामने मौजूद कुछ बेहद महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चिंतन-मनन जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस की सामूहिक चिंता का सबसे बड़ा विषय देश का युवा है।

‘युवा हमारा भविष्य, लेकिन सरकार की नीतियों से निराशा’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और युवा ही देश का भविष्य हैं। उनके मुताबिक, सरकार की नीतियों के कारण युवाओं में भारी निराशा पैदा हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांप्रदायिक उन्माद और ‘रेवड़ी कल्चर’ की राजनीति के बीच युवाओं की शिक्षा और रोजगार की सबसे ज्यादा उपेक्षा हुई है।

खरगे ने इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने युवाओं को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा था। उन्होंने बताया कि राजीव गांधी के कार्यकाल में मतदान की उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई और देश के जिलों में नवोदय विद्यालयों का नेटवर्क विकसित किया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस मनाने की शुरुआत भी इसी दौर में हुई और नई शिक्षा नीति के जरिए डिग्री के साथ रोजगार तथा स्किल डेवलपमेंट को जोड़ने की कोशिश की गई थी।

‘12 वर्षों में युवाओं का भविष्य तबाह’

मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में करीब 94 हजार स्कूल बंद हुए हैं और उच्च शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में विचारधारा विशेष के लोगों का प्रभाव बढ़ रहा है। इसके बाद जब युवा पढ़ाई पूरी कर नौकरी की तलाश में निकलता है तो उसे पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नियुक्तियों में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खरगे ने कहा कि गरीब और कमजोर वर्ग के युवाओं पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है। उनके मुताबिक, युवाओं में पैदा हुआ आक्रोश अचानक नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का परिणाम है।

‘छात्रों की गूंज’ के जरिए युवाओं की आवाज उठाने का दावा

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को अपने राजनीतिक एजेंडे में शामिल किया है। उन्होंने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि इसके जरिए छात्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया गया है। उन्होंने कहा कि संसद में भी कांग्रेस ने शिक्षा और परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा कराने की कोशिश की, लेकिन उनके आरोप के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मानसून सत्र के दौरान सवालों से बचते रहे। खरगे ने कहा कि अब समय आ गया है कि कांग्रेस युवाओं के लिए एक स्पष्ट, व्यापक और समयबद्ध Education-to-Employment Roadmap तैयार करे, जिससे शिक्षा से रोजगार तक का रास्ता मजबूत किया जा सके।

राम मंदिर चढ़ावे को लेकर सरकार पर सवाल

CWC बैठक में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। खरगे ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने श्रद्धा और विश्वास के साथ चंदा और सोना-चांदी सहित अन्य सामग्री दी। उन्होंने सवाल उठाया कि मंदिर में कितना चढ़ावा आया, कितनी बहुमूल्य सामग्री प्राप्त हुई और उसका पूरा लेखा-जोखा क्या है। खरगे ने कहा कि केवल कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने से मामला खत्म नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में जनता के सवालों का जवाब देने और आस्थावान लोगों से माफी मांगने की मांग की।

चीन सीमा के मुद्दे पर बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए

कांग्रेस अध्यक्ष ने चीन के साथ सीमा विवाद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सीमा पर कथित अतिक्रमण से जुड़े गंभीर तथ्य सामने आए हैं और सरकार को इस पर स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। खरगे ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा की किसी भी स्तर पर अनदेखी भी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को अपनी सीमाओं की वास्तविक स्थिति जानने का अधिकार है।

गलवान के बाद भी सीमा पर सवाल- खरगे

खरगे ने वर्ष 2020 की गलवान झड़प का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को देश ने सुना था। उन्होंने कहा कि छह वर्ष बाद भी सीमा से जुड़े गंभीर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।

उन्होंने भारतीय सेना के जवानों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि सेना अपना काम बखूबी कर रही है। कांग्रेस का सवाल सरकार की जवाबदेही को लेकर है। खरगे ने कहा कि युवाओं का भविष्य, जनता की आस्था और देश की सीमाएं—इन तीनों मुद्दों के केंद्र में एक ही सवाल है कि क्या मौजूदा सरकार जनता के भरोसे के लायक है।

पांच राज्यों के चुनाव की तैयारी पर भी जोर

CWC बैठक के अंत में खरगे ने पार्टी नेताओं से इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने और देश के सामने वैकल्पिक नीतियां और समाधान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सामने तत्काल पांच राज्यों के चुनाव की चुनौती है और इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। उन्होंने CWC के सदस्यों से कहा कि पार्टी को युवाओं, शिक्षा, रोजगार, जनता की आस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर स्पष्ट रणनीति के साथ जनता के बीच जाना होगा।


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