स्पोर्ट्स के लिए सबकुछ करेगी सरकार, सीएम डॉ. मोहन बोले- 230 विधानसभा क्षेत्रों में बनाएं स्टेडियम
राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैम्पियनशिप-2026 पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बदल गई खेलों की तस्वीर, खेल मंत्री विश्वास सारंग ने खिलाड़ियों को किया प्रेरित।

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने खेल की सभी विधाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है और खिलाड़ियों को हरसंभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को भोपाल के बोट क्लब में आयोजित राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैम्पियनशिप-2026 के पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम को खेल मंत्री विश्वास सारंग ने भी संबोधित किया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
खेलों को लेकर सरकार का बड़ा प्लान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेलों की तस्वीर बदल रही है और देश का खेल जगत में सम्मान बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में 18 खेलों में से 11 खेलों की अकादमियां संचालित की जा रही हैं। डॉ. यादव ने कहा कि सरकार खेलों को लगातार प्रोत्साहित करेगी और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएं देने पर जोर रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियाड और कॉमनवेल्थ जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
खेलों को शिक्षा का हिस्सा बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज खेल केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें शिक्षा का हिस्सा बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तैयार नई शिक्षा नीति-2020 में खेलों को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू करने की दिशा में काम किया गया। अब खेल प्रशिक्षकों के लिए भी आगे बढ़ने के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोच केवल प्रशिक्षण देने तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर वाइस चांसलर तक के पदों तक पहुंचने का अवसर मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके कोच की भी चिंता करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार खेलों का बजट लगातार बढ़ा रही है।
खिलाड़ियों को संघर्ष से सीख लेने की सलाह
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल जीवन में संघर्ष और निरंतर प्रयास की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि का उल्लेख करते हुए उनकी संघर्ष भावना को याद किया।
उन्होंने कहा कि जीत और हार दोनों ही जीवन का हिस्सा हैं और खिलाड़ियों को हर परिस्थिति में आगे बढ़ते रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन को लोकतंत्र के लिए गौरवपूर्ण बताया और कहा कि उनका मध्यप्रदेश से भी गहरा संबंध रहा है। मुख्यमंत्री ने रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती का भी उल्लेख किया और अंग्रेजों के खिलाफ उनके संघर्ष को याद किया।
हजारों साल पुराना है भारत का खेल इतिहास
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में खेलों का इतिहास हजारों साल पुराना है। उन्होंने भारतीय संस्कृति और पौराणिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही शारीरिक क्षमता, कौशल और पुरुषार्थ को महत्व दिया जाता रहा है।
उन्होंने भगवान राम और भगवान कृष्ण से जुड़े प्रसंगों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में खेल, शौर्य और सामर्थ्य का विशेष महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश उसी गौरवशाली खेल परंपरा को आधुनिक सुविधाओं और प्रशिक्षण के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी और आने वाले समय में मध्यप्रदेश को खेल के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य है।




