
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) तक पहुंच गई है। सीआईडी में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि ईडी ने करीब एक सप्ताह पहले ही ECIR दर्ज की थी।
ईडी अब परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े आरोपियों के पैसों के लेन-देन, अवैध कमाई और रकम के स्रोत की जांच करेगी। यदि जांच में मनी लॉन्ड्रिंग या अवैध धन से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो ईडी आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
आरोपियों के पैसों और सोर्स की होगी जांच
ईडी की जांच का मुख्य फोकस परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े आर्थिक लेन-देन पर रहेगा। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरोपियों के पास रकम कहां से आई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया। जांच के दौरान संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और उससे जुड़े लोगों की भी पड़ताल की जा सकती है।
JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा
इधर, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच झारखंड लोक सेवा आयोग के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हंसदा और जमाल अहमद ने रविवार को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तीनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं।
तीनों सदस्यों से सीआईडी द्वारा पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक अजीता भट्टाचार्य से 10 अगस्त, जमाल अहमद से 12 अगस्त और अनिमा हंसदा से 14 अगस्त को पूछताछ होनी है।
अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी
JPSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मामले में सीआईडी अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। आयोग के चेयरपर्सन एल खियांगते से भी कई दौर की पूछताछ हो चुकी है।
खियांगते ने 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। सीआईडी ने उनसे 28 जुलाई को करीब नौ घंटे और 29 जुलाई व 31 जुलाई को करीब आठ-आठ घंटे पूछताछ की थी। जांच एजेंसी ने उनके सरकारी आवास समेत कई ठिकानों पर तलाशी भी ली थी।
प्रदर्शन के बीच परीक्षाएं भी प्रभावित
परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में सोमवार को छात्र रांची में पुराने विधानसभा भवन से नए विधानसभा भवन तक मार्च कर रहे हैं।
वहीं, विरोध प्रदर्शनों और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए JPSC ने पहले 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित कंबाइंड सिविल सर्विसेज मेन्स परीक्षा को स्थगित कर दिया था।
अब ईडी की एंट्री के बाद मामले में आर्थिक लेन-देन की जांच भी तेज होने की संभावना है। जांच में यदि अवैध धन या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो मामले में आगे और कार्रवाई हो सकती है।



