September 13, 2026 |

BREAKING NEWS

ब्रेकिंगमध्यप्रदेश

Damoh News: दमोह-जबलपुर फोरलेन पर सिंग्रामपुर में बनेगा 3.5 किमी एलिवेटेड रोड, विकास कार्यों की समीक्षा

सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा- एलिवेटेड मार्ग से यातायात के साथ वन्यजीवों के आवागमन को भी मिलेगी सुविधा

Namaskar Madhya Pradesh

Listen to this article

दमोह। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में जिले के विभिन्न विकास कार्यों और केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद राहुल सिंह लोधी ने की। इस दौरान सड़क, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, मत्स्य पालन, रेलवे, पेयजल, निर्माण कार्यों और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक में सांसद राहुल सिंह लोधी ने बताया कि दमोह से जबलपुर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग पहले टू-लेन था, लेकिन केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री से मुलाकात और लगातार प्रयासों के बाद इसे फोरलेन में परिवर्तित किया गया है। सिंग्रामपुर में करीब 3.5 किलोमीटर हिस्से में एलिवेटेड रोड का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि एलिवेटेड रोड बनने से यातायात व्यवस्था सुगम होगी। साथ ही वन्यजीवों के आवागमन के लिए भी यह मार्ग उपयोगी रहेगा, क्योंकि एलिवेटेड सड़क के नीचे से वन्यजीव आसानी से गुजर सकेंगे।

तीन प्रमुख मार्गों को जोड़ने की तैयारी

सांसद ने बताया कि बकस्वाहा की ओर से आने वाले मार्ग, मुख्यमंत्री द्वारा एमपीआरडीसी को दिए गए करीब 74 किलोमीटर लंबे सागर-दमोह मार्ग और जबलपुर-सागर फोरलेन को इस तरह जोड़ा जा रहा है कि वाहनों को बार-बार नीचे उतरने की जरूरत न पड़े और मार्ग सीधे कनेक्ट हो सके। उन्होंने कहा कि तीनों दिशाओं को जोड़ने से एक सर्किल के रूप में यातायात सुगम होगा। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ विकास को भी नई गति मिलेगी।

दमोह मेडिकल कॉलेज जल्द होगा शुरू

सांसद राहुल सिंह लोधी ने बताया कि दमोह मेडिकल कॉलेज में पानी की समस्या का समाधान कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज अब पूर्णता की ओर है और जल्द ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इसका शुभारंभ किए जाने की संभावना है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज को जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इसके शुरू होने से जिलेवासियों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।

जल्द स्थापित होगी ‘दमयंती चना’ प्रोसेसिंग यूनिट

बैठक में सांसद ने बताया कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के तहत दमोह में ‘दमयंती चना’ की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। यह यूनिट स्थानीय स्तर पर चने के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि चने का उत्पादन और प्रोसेसिंग बढ़ने से किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। जिले में टमाटर के प्रसंस्करण और सॉस निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इच्छुक लोगों को ऋण उपलब्ध कराकर स्वयं के उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

बैठक में स्टार्टअप इंडिया और रोजगार मेलों से जुड़ी गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। सांसद ने कहा कि युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ युवाओं तक पहुंचाना जरूरी है।

मत्स्य योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश

मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोगों को केवल तालाब लेकर मछली पालन करने की जानकारी होती है, जबकि मत्स्य पालन से जुड़े कई अन्य अवसर और योजनाएं भी उपलब्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि पात्र हितग्राही योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सकें।

करैया में 800 मीटर लंबे रैक प्वाइंट से मिलेगी सुविधा

सांसद ने बताया कि संपर्क क्रांति और गोंडवाना एक्सप्रेस से दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को बारिश के दौरान शेड नहीं होने के कारण परेशानी होती है। इस समस्या को रेलवे की डीआरएम बैठक में उठाया गया था।

उन्होंने बताया कि रैक प्वाइंट होने के कारण शेड निर्माण में चुनौती आ रही थी, लेकिन अब करैया में करीब 800 मीटर लंबा रैक प्वाइंट तैयार हो गया है। दमोह का रैक प्वाइंट करैया में शिफ्ट होने के बाद एक साथ गेहूं, चना और यूरिया की लोडिंग की सुविधा मिल सकेगी। इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए आगामी एक से डेढ़ वर्ष में शेड निर्माण सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी मजबूत करने की बात कही गई।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर

जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल ने कहा कि जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित होती है, जिसे ‘दिशा’ की बैठक भी कहा जाता है। इसमें केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, क्रियान्वयन और जिले के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की जाती है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि बैठक में पेयजल, स्वास्थ्य, मध्याह्न भोजन, इंफ्रास्ट्रक्चर, गौशालाओं सहित विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की गई। पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन की भी जानकारी ली गई।

बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि कई बार नई बनी इमारतों की छत से पानी टपकने या कुछ वर्षों में ही भवन जर्जर होने की शिकायतें सामने आती हैं। इससे सरकारी राशि का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता और बच्चों व आमजन को परेशानी होती है। स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सांसद राहुल सिंह लोधी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

सड़क और नल-जल कार्यों में तेजी के निर्देश

बैठक में सड़कों के निर्माण में हो रही देरी पर भी चर्चा हुई। सांसद और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जाती है, इसलिए निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरे किए जाने चाहिए, ताकि आमजन को योजनाओं का लाभ मिल सके।

तेन्दूखेड़ा क्षेत्र में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद खोदे गए गड्ढों को समय पर नहीं भरे जाने का मामला भी सामने आया। कलेक्टर ने संबंधित एजेंसी को निर्देश दिए कि कार्य पूरा होने के बाद गड्ढों को तत्काल भरा जाए।

आवारा गौवंश की सुरक्षा पर भी निर्देश

सड़कों पर आवारा गौवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सड़क पर आने वाले गौवंश को नजदीकी गौशालाओं में पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे गौवंश की सुरक्षा के साथ वाहन चालकों और आमजन को भी सुरक्षित आवागमन में सुविधा मिलेगी।

ग्रामीण रोजगार और जल सुरक्षा के कार्यों की जानकारी

सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे ने वीबी राम जी राम योजना के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों की वैधानिक मजदूरी-रोजगार गारंटी का प्रावधान है। योजना में जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, आजीविका से संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर और मौसम संबंधी घटनाओं से निपटने वाले कार्यों पर विशेष फोकस किया गया है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में 10 प्रकार के कार्य शुरू करने की अनुमति दी गई है। इनमें कंटूर ट्रेंच, बोल्डर चेक, ग्रेबियन संरचना, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, कूप पुनर्जलभरण, बोरवेल और हैंडपंप के पास सोकपिट व रिचार्ज पिट, ‘एक बगिया मां के नाम’ परियोजना, गंगोत्री हरित परियोजना, मां नर्मदा परिक्रमा पथ पर पौधरोपण, वन विभाग की नर्सरी, लघु पशु शेड, मुर्गी शेड, बकरी शेड और सुगम संपर्कता सड़क निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। बैठक में जिले के विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने, योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।


Namaskar Madhya Pradesh

Related Articles

Check Also
Close