
CG Mungeli News: मुंगेली। जिले के लोरमी विकासखंड अंतर्गत अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) क्षेत्र के कई गांवों में मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। संक्रमण को नियंत्रित करने और प्रत्येक मरीज तक समय पर उपचार पहुंचाने के उद्देश्य से व्यापक स्वास्थ्य अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें प्रभावित गांवों में लगातार पहुंचकर हालात का जायजा ले रही हैं। डोर-टू-डोर सर्वे के जरिए बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान कर तत्काल जांच और उपचार की व्यवस्था की जा रही है।
अधिकारियों ने किया प्रभावित गांवों का निरीक्षण
मलेरिया नियंत्रण अभियान की निगरानी के लिए एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तिलईडबरा, बहाउड़, सारसडोल, जमुनाही, अतरियाखार और राजक गांवों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, सर्वे कार्य और उपचार व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्वास्थ्य कर्मचारियों को निर्देश दिए कि किसी भी मरीज के इलाज में देरी न हो और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
गंभीर मरीज अस्पताल में भर्ती, घर-घर हो रही जांच
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मलेरिया पीड़ित मरीजों का उपचार जारी है। गंभीर मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कर विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है, जबकि अन्य मरीजों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीम घर-घर पहुंचकर बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान कर रही है। संदिग्ध मरीजों की मौके पर जांच कर तुरंत दवा देना भी शुरू कर दिया गया है।
आरडी किट और दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
प्रभावित गांवों में रैपिड डायग्नोस्टिक (आरडी) किट और मलेरिया रोधी दवाइयों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने यह सामग्री मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराई है, ताकि गांवों में ही तत्काल जांच कर उपचार शुरू किया जा सके और संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
कंट्रोल रूम सक्रिय, ग्रामीणों को जारी की गई स्वास्थ्य सलाह
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि हर मरीज तक समय पर उपचार पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया के साथ-साथ अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। इसके माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही ग्रामीणों से पूरे बाजू के कपड़े पहनने, नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, ताजा भोजन करने तथा उबला या सुरक्षित पानी पीने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से बुखार या मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की भी सलाह दी है।




