July 30, 2026 |

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CG Bilaspur News: भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, चुनाव याचिका खारिज करने की मांग नामंजूर

Namaskar Madhya Pradesh

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CG Bilaspur News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधानसभा क्षेत्र से विधायक भूपेश बघेल को चुनावी मामले में हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज करने की मांग अस्वीकार कर दी है। इसके साथ ही अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इस मामले की सुनवाई मेरिट यानी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 23 जून को निर्धारित की गई है।

यह मामला 2023 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा हुआ है। भाजपा नेता और दुर्ग सांसद विजय बघेल ने पाटन विधानसभा सीट से भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद लागू प्रतिबंध अवधि के दौरान भूपेश बघेल ने अपने समर्थकों के साथ पाटन क्षेत्र में रोड शो और रैली निकाली थी, जो चुनावी नियमों का उल्लंघन है।

आचार संहिता उल्लंघन का आरोप

याचिकाकर्ता विजय बघेल का दावा है कि मतदान से ठीक पहले प्रचार बंद होने के बावजूद भूपेश बघेल ने सार्वजनिक रूप से चुनावी गतिविधियों में हिस्सा लिया। आरोप है कि उन्होंने समर्थकों के साथ रैली निकाली, चुनावी नारे लगवाए और मतदाताओं से समर्थन मांगा। यह कृत्य जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 का उल्लंघन माना गया है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड मौजूद है, जिसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है। विजय बघेल की ओर से अदालत से मांग की गई है कि इन आरोपों के आधार पर भूपेश बघेल का निर्वाचन शून्य घोषित किया जाए।

भूपेश बघेल की ओर से रखा गया पक्ष

सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल की ओर से अदालत में विस्तृत जवाब पेश किया गया। उनके वकीलों ने 16 अलग-अलग बिंदुओं के आधार पर चुनाव याचिका को सुनवाई योग्य नहीं बताया। उनका कहना था कि याचिका में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस और प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं।

बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि केवल आरोप लगाने मात्र से चुनाव को अवैध नहीं ठहराया जा सकता। याचिकाकर्ता यह साबित करने में विफल रहा है कि कथित घटनाओं का चुनाव परिणाम पर कोई प्रभाव पड़ा। इसलिए चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज किया जाना चाहिए।

हाईकोर्ट ने खारिज की आपत्ति

मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने भूपेश बघेल की ओर से दायर आवेदन को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने माना कि याचिका में ऐसे तथ्य और आरोप मौजूद हैं, जिनकी विस्तृत जांच और सुनवाई आवश्यक है। कोर्ट ने कहा कि मामले को केवल प्रारंभिक आपत्तियों के आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता।

अदालत के इस फैसले के बाद अब चुनाव याचिका पर विस्तृत सुनवाई होगी, जिसमें दोनों पक्ष अपने-अपने साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है मामला

गौरतलब है कि इससे पहले भी भूपेश बघेल ने इस मामले में राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट में याचिका की वैधता (Maintainability) को लेकर नया आवेदन पेश करने की अनुमति दी थी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हाईकोर्ट में दोबारा आवेदन लगाया गया, लेकिन इस बार भी अदालत ने उसे खारिज कर दिया। अब मामला पूरी तरह से नियमित सुनवाई के चरण में प्रवेश कर चुका है।

23 जून को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 23 जून को तय की है। इस दौरान अदालत चुनाव याचिका में लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विस्तार से विचार करेगी। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस मामले पर प्रदेशभर की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका संबंध राज्य के एक बड़े राजनीतिक चेहरे और पूर्व मुख्यमंत्री से जुड़ा हुआ है।

यदि याचिका में लगाए गए आरोप साबित होते हैं तो इसका असर न केवल भूपेश बघेल की विधायकी पर पड़ सकता है, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है। वहीं यदि आरोप साबित नहीं होते हैं, तो भूपेश बघेल को इस मामले में बड़ी राहत मिल सकती है।


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