अमेरिका के पश्चिमी तट पर महाभूकंप का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। वैज्ञानिकों की नई स्टडी के अनुसार, वैंकूवर, सिएटल, वॉशिंगटन, ओरेगॉन और सैन फ्रांसिस्को पर 9 या उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने की संभावना है। यह महाभूकंप कैलिफोर्निया के सैन एंड्रियास फॉल्ट लाइन से कहीं ज्यादा शक्तिशाली हो सकता है और इससे भारी तबाही हो सकती है।
तीव्र भूकंप आने की आशंका
वैज्ञानिकों ने हाल ही में इस समुद्री इलाके का नक्शा बनाया। अंडरवाटर मैपिंग की। इस इलाके को कैसकेडिया सबडक्शन जोन कहते हैं। आमतौर पर फॉल्ट लाइन दो हिस्सों में बंटी हुई होती है। लेकिन यह फॉल्ट लाइन चार टुकड़ों में बंट रही है। यह एक बड़े खतरे की निशानी है। अगर यहां पर टेक्टोनिक प्लेटों में जरा सी भी हलचल हुई, तो यह फॉल्ट लाइन बड़े पैमाने पर जमीन के ऊपरी सतह पर भारी तबाही मचाएगा। इससे एक भूकंप के बाद कई और तीव्र भूकंप आने की आशंका है। वैज्ञानिकों का मानना है कि कैसकेडिया सबडक्शन जोन में इतनी ताकत है कि ये 9 से ज्यादा तीव्रता का भूकंप ला सकता है।
10 हजार लोगों के मारे जाने की आशंका
कैलिफोर्निया के सैन एंड्रियास फॉल्ट लाइन के पास 8.3 तीव्रता का भूकंप लाने की ताकत है। अब सवाल ये उठता है कि अगर 9 तीव्रता का भूकंप अमेरिका के पश्चिमी तट पर आता है तो इसका असर कितना होगा? कितनी तबाही होगी? अमेरिका के पश्चिमी तट पर 100 फीट या उससे ज्यादा ऊंची सुनामी लहरें उठेंगी।
इसकी वजह से 10 हजार लोगों के मारे जाने की आशंका है। इसके अलावा सिर्फ ओरेगॉन और वॉशिंगटन में 80 बिलियन डॉलर्स यानी 6.68 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान होगा। सिर्फ इतना ही नहीं इसके बाद जमा पानी की वजह से फैलने वाली बीमारियों की वजह से कई मौते होंगी। यहां-वहां फैले शवों से बीमारियां पनपेंगी।
अभी भी स्टडी में जुटे वैज्ञानिक
वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के जियोफिजिसिस्ट हैरोल्ड टोबिन के मुताबिक, महाभूकंप के प्रभाव का पता लगाने के लिए टाकोमा और सिएटल के पास इस फॉल्ट लाइन की और स्टडी करनी होगी। कैसकेडिया का एक टुकड़ा बाकी तीन टुकड़ों की तुलना में ज्यादा फ्लैट और चिकना है। यही वजह है कि यह बेहद खतरनाक है। इसी एक टुकड़े के फिसलने से पूरे टेक्टोनिक प्लेट का बैलेंस बिगड़ सकता है।




