July 29, 2026 |

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मध्यप्रदेश विधानसभा में UCC समेत 14 बिल पेश, कांग्रेस ने जताई आपत्ति, सदन में जमकर हुआ हंगामा

MP Latest News: विधानसभा में बहुप्रतीक्षित समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक सहित कुल 14 महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए।

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MP Latest News: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में सोमवार का दिन अहम रहा, जब विधानसभा में बहुप्रतीक्षित समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक सहित कुल 14 महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए। संसदीय कार्य मंत्री गौतम टेटवाल ने सदन के पटल पर इन विधेयकों को रखा, जिसके तुरंत बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने जोरदार आपत्ति दर्ज कराते हुए सदन में हंगामा किया। इन विधेयकों में सबसे प्रमुख समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक था, जिसे एक दिन पहले ही राज्य कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी थी, जिससे इसे सदन में पेश करने का रास्ता साफ हो गया था।

मंत्री गौतम टेटवाल द्वारा पेश किए गए विधेयकों की लंबी सूची में केवल यूसीसी ही नहीं, बल्कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित कई अन्य महत्वपूर्ण कानून भी शामिल थे। इनमें मध्यप्रदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2026, मध्यप्रदेश निरसन विधेयक 2026, मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक, 2026, मध्यप्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक 2026, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026, मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026, मध्यप्रदेश धन्वंतरी स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026, मध्यप्रदेश कोड ऑन एम्पावरिंग वर्कस्पेसेज 2026, मध्यप्रदेश श्रम शक्ति संहिता 2026 और मध्यप्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026 शामिल थे। ये विधेयक राज्य की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े बदलाव लाने का लक्ष्य रखते हैं।

विधेयकों के एक साथ पेश करने पर कांग्रेस विधायक ने जताई आपत्ति

विधेयकों के एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पेश किए जाने पर कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए इतने सारे विधेयकों को एक ही समय में प्रस्तुत करने पर सवाल उठाए। कांग्रेस का तर्क था कि एक साथ इतने सारे और इतने महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करने से विधायकों को उनका अध्ययन करने और उन पर उचित बहस करने का पर्याप्त समय नहीं मिलेगा, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होगी।

कांग्रेस की आपत्ति पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने सदन को बताया कि इन विधेयकों को सदन के पटल पर रखने से पहले कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विस्तृत चर्चा की गई थी। इस चर्चा के उपरांत ही अनुपूरक कार्यसूचना जारी की गई थी, जिसमें इन सभी विधेयकों को सूचीबद्ध किया गया था। अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार ही की गई हैं।

कांग्रेस के कई विधायकों ने जताई आपत्ति, सदन में हंगामा

हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष के जवाब के बावजूद भी कांग्रेस के कई अन्य विधायकों ने अपनी आपत्ति जारी रखी और सदन में हंगामा होता रहा। विपक्षी विधायकों का मानना था कि भले ही कार्य मंत्रणा समिति में चर्चा हुई हो, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में विधेयकों को एक साथ लाना सदन के सभी सदस्यों के लिए उचित नहीं है।

कांग्रेस विधायकों की आपत्ति पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का जवाब

सत्ता पक्ष की ओर से नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस विधायकों की आपत्ति पर जवाब दिया। उन्होंने दोहराया कि कार्य मंत्रणा समिति में इन सभी विधेयकों पर गहन चर्चा हुई थी और यह पूरी प्रक्रिया नियमानुसार तथा विधानसभा की स्थापित परंपराओं के अनुरूप ही की गई है। विजयवर्गीय ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार ने सभी नियमों का पालन किया है।

पेश किए गए सभी विधेयकों पर विस्तार से होगी चर्चा

सदन में पेश किए गए इन सभी 14 महत्वपूर्ण विधेयकों पर आने वाले समय में विस्तार से चर्चा की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष ने भी यह आश्वस्त किया कि प्रत्येक विधेयक पर नियमानुसार चर्चा होगी और सदस्यों को अपने विचार रखने का पूरा अवसर मिलेगा। इन विधेयकों से संबंधित जानकारी अनुपूरक कार्य सूची में पहले ही दे दी गई थी, जिससे सभी सदस्य अवगत थे। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी लंबे समय से चल रही थी और अब इसे सदन में पेश कर दिया गया है, जो राज्य में एक बड़े सामाजिक और कानूनी सुधार का मार्ग प्रशस्त करेगा। वहीं, अन्य विधेयक भी राज्य के प्रशासनिक ढांचे और नागरिक जीवन पर गहरा प्रभाव डालेंगे।


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