
Raipur News: रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के हितग्राहियों को बड़ी राहत देते हुए आवास निर्माण की पहली किस्त की राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। अब लाभार्थियों को मकान निर्माण शुरू करने के लिए पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। इससे पहले पहली किस्त की राशि 63 हजार रुपये थी। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने किस्तों के भुगतान के ढांचे में संशोधन करते हुए यह फैसला लिया है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार का मानना है कि पहली किस्त की राशि बढ़ने से हितग्राहियों को मकान निर्माण कार्य शुरू करने और समय पर पूरा करने में आर्थिक सहायता मिलेगी।
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर दे रही सहायता
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मकान निर्माण के लिए कुल सहायता राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करती है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को चार चरणों में कुल 2 लाख 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
इसके अलावा राज्य सरकार की मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत निर्धारित 18 माह की अवधि में आवास निर्माण पूरा करने वाले हितग्राहियों को 32 हजार 850 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। इस प्रकार एक पात्र हितग्राही को कुल 2 लाख 82 हजार 850 रुपये तक का लाभ प्राप्त हो सकता है।
निर्माण कार्य को मिलेगी नई गति
सरकार के अनुसार प्रारंभिक निर्माण कार्य में सबसे अधिक आर्थिक खर्च होता है। ऐसे में पहली किस्त बढ़ाकर एक लाख रुपये किए जाने से लाभार्थी मकान की नींव, दीवार और अन्य आधारभूत निर्माण कार्य आसानी से शुरू कर सकेंगे। इससे अधूरे आवासों की संख्या कम होने और निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
प्रदेश में 37 हजार से अधिक आवास स्वीकृत
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के तहत प्रदेश में 37,246 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 1,647 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि 20,459 आवास निर्माणाधीन हैं। वहीं 15,140 स्वीकृत आवासों का निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हो सका है।
स्पष्ट निर्देश जारी
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि सहायता राशि केवल उन्हीं हितग्राहियों को जारी की जाएगी, जिनके नाम केंद्र और राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए हैं। किसी अन्य व्यक्ति के साथ राशि का समायोजन नहीं किया जाएगा। साथ ही निर्माण कार्य में तेजी दिखाने वाले हितग्राहियों को बजट उपलब्ध होते ही राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
नई व्यवस्था से शहरी क्षेत्रों में आवास निर्माण को गति मिलने के साथ-साथ सरकार के ‘सबके लिए आवास’ लक्ष्य को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।




