September 21, 2026 |

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DRDO को बड़ी सफलता, ग्लाइड वेपन सिस्टम ‘TARA’ का पहला सफल परीक्षण, भारत को मिली नई स्वदेशी ताकत

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Glide Weapon System ‘TARA’ Successfully Test: नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 7 मई 2026 को ओडिशा तट पर Tactical Advanced Range Augmentation यानी ‘TARA’ का पहला सफल परीक्षण किया। यह भारत की पहली स्वदेशी ग्लाइड वेपन सिस्टम है, जो अनिर्देशित बमों को सटीक निर्देशित हथियार में बदलने की क्षमता रखती है।

TARA एक मॉड्यूलर रेंज एक्सटेंशन किट है, जिसे अनिर्देशित वॉरहेड को अत्याधुनिक प्रिसिजन गाइडेड वेपन में बदलने के लिए विकसित किया गया है। यह विशेष विंग तकनीक का उपयोग कर हथियार की मारक क्षमता को लगभग 150 से 180 किलोमीटर तक बढ़ाता है।

इस प्रणाली में EO/IR गाइडेंस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह जमीनी लक्ष्यों पर अत्यधिक सटीकता के साथ हमला कर सकती है। TARA की सबसे बड़ी खासियत इसकी उच्च प्रिसिजन क्षमता है, जिसके तहत यह लक्ष्य के करीब तीन मीटर के दायरे में वार करने में सक्षम है। इससे दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम के खतरे को कम करते हुए पायलटों की सुरक्षा भी बढ़ेगी।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, TARA को हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने अन्य DRDO प्रयोगशालाओं के सहयोग से डिजाइन और विकसित किया है। इसका उद्देश्य कम लागत वाले हथियारों की सटीकता और मारक क्षमता बढ़ाकर जमीनी लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से निष्क्रिय करना है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण के लिए DRDO, भारतीय वायुसेना, डीसीपीपी और रक्षा उद्योग से जुड़ी टीमों को बधाई दी। उन्होंने इसे भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

वहीं, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और DRDO चेयरमैन समीर वी. कामत ने भी इस सफल उड़ान परीक्षण में शामिल वैज्ञानिकों और टीमों की सराहना की।


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