July 29, 2026 |

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Bangladesh Violence : बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा! पूरे देश में कर्फ्यू की घोषणा, इंटरनेट सेवाएं ठप

Namaskar Madhya Pradesh

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Bangladesh Violence : बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन पिछले एक महीने से लगातार जारी है। इस बीच बांग्लादेश सरकार ने रविवार (4 अगस्त,  2024) शाम छह बजे से पूरे बांग्लादेश में कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया है। कर्फ्यू के दौरान फेसबुक, वॉट्सएप, इंस्टाग्राम, मोबाइल इंटरनेट को बंद किया जाएगा। रविवार को बांग्लादेश में जारी हिंसा में 32 लोगों की मौत हो गई। प्रदर्शनकारी छात्र लगातार प्रधानमंत्री शेख हसीना का इस्तीफा मांग रहे हैं।

 

 

हिंसा में 32 लोगों की मौत
एक रिपोर्ट के अनुसार, फेनी में हिंसा के दौरान पांच लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा सिराजगंज में चार, मगुरा में तीन, भोला में तीन, मुंशीगंज में तीन, बोगुरा में तीन, रंगपुर में तीन, पाबना में दो, सिलहट में दो, कोमिल्ला एक, जयपुरहाट में एक ढाका में एक और बारीसाल में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इस बीच बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने रविवार शाम छह बजे से पूरे देश में कर्फ्यू लगाने की घोषणा की है।

शेख हसीना ने बुलाई बैठक
रविवार को प्रदर्शनकारियों और सत्ताधारी आवामी लीग के समर्थकों के बीच झड़प में 32 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा बांग्लादेश के अलग अलग हिस्सों में हजारों लोग जुटे और शेख हसीना के इस्तीफे की मांग करने लगे। बताया गया है कि शेख हसीना ने अपने निजी आवास गणभवन में सुरक्षा मामलों की राष्ट्रीय समिति की बैठक बुलाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो लोग प्रदर्शन के नाम पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वे छात्र नहीं बल्कि आतंकवादी हैं। मैं देशवासियों से अपील करती हूं कि ऐसे लोगों को मजबूती से जवाब दें। बैठक में थल सेना, नौसेना, वायुसेना, पुलिस और सुरक्षा से जुड़े उच्च अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान प्रधानमंत्री के सुरक्षा सलाहकार भी मौजूद रहे।

 

 

बांग्लादेश में प्रदर्शन के बीच 200 लोगों की मौत
बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है और इसमें 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका की प्रमुख सड़कों की घेराबंदी कर दी। आपको बता दें कि बांग्लादेश में हाल ही में पुलिस और छात्र प्रदर्शनकारियों के बीच हिसंक झड़पें हुईं हैं। दरअसल, प्रदर्शनकारी छात्र विवादित आरक्षण प्रणाली को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। इसके तहत बांग्लादेश के लिए वर्ष 1971 में आजादी की लड़ाई लड़ने वाले स्वतंत्रता संग्रामियों के परिवारों के लिए 30 प्रतिशत सरकारी नौकरियां आरक्षित की गईं हैं।

छात्रों ने बातचीत से किया इनकार
इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अलग-अलग विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से मुलाकात की थी। दरअसल, शेख हसीना ने प्रदर्शनकारी छात्रों को बातचीत के लिए अपने निजी आवास में बुलाया था। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने पीएम से किसी भी तरह की बातचीत करने से इनकार कर दिया था। छात्रों ने शेख हसीना के इस्तीफे की मांग की है।


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