September 16, 2026 |

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छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र का आज आखिरी दिन, विपक्ष के तेवर तेज, सरकार तीन अहम विधेयक पारित कराने की तैयारी में

Chhattisgarh News Today: प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत प्रदेश में खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले उद्योगों का मुद्दा उठाएंगे।

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Chhattisgarh News Today: रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज अंतिम दिन है। सत्र के आखिरी दिन जहां विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति में है, वहीं सरकार अपने महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने पर फोकस बनाए हुए है।

प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत प्रदेश में खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले उद्योगों का मुद्दा उठाएंगे। विधायक सुनील सोनी सप्तपर्णी (छातिम) वृक्ष के रोपण पर लगी रोक को लेकर सवाल करेंगे। वहीं पुन्नूलाल मोहले शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एनपीएस से ओपीएस योजना के चयन का मामला सदन में उठाएंगे। विधायक रामकुमार टोप्पो मैनपाट स्थित कर्मा एथनिक रिसॉर्ट के संधारण का मुद्दा रखेंगे।

इसके अलावा विधायक हर्षिता स्वामी बघेल डोंगरगढ़ में ‘प्रसाद योजना’ के तहत श्री यंत्र भवन निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगी।

71 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव से सरकार पर दबाव

सत्र के अंतिम दिन कुल 71 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाए गए हैं, जिससे सरकार को कई विभागों से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना होगा। तुलेश्वर मरकाम रायपुर संभाग में आबकारी अधिकारियों की कथित अनियमितताओं का मामला उठाएंगे। वहीं सुनील सोनी रायपुर शहर में नए मार्गों पर सिटी बस सेवा शुरू नहीं होने पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव का ध्यान आकर्षित करेंगे।

तीन महत्वपूर्ण विधेयक हो सकते हैं पारित

सरकार आज तीन अहम विधेयकों को सदन में प्रस्तुत कर पारित कराने की कोशिश करेगी। वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी. चौधरी छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026 पेश करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती-व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 पर चर्चा और पारित कराने का प्रस्ताव रखेंगे, जिसे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 भी सदन में लाया जाएगा, जो भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

सत्र के अंतिम दिन हंगामेदार रहने के आसार हैं, जहां एक ओर विपक्ष सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा, वहीं सरकार अपने विधायी एजेंडे को पूरा करने में जुटी रहेगी।


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